गन्ने के बीज के चयन के सुझाए उपाय

काशीपुर। गन्ना किसान संस्थान और प्रशिक्षण केंद्र काशीपुर में उत्तराखंड के गन्ना पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ।
24 जून से आरंभ हुए प्रशिक्षण शिविर में वैज्ञानिक अधिकारी डा. प्रमोद कुमार ने कहा कि गन्ना वानस्पतिक संबंर्द्ध द्वारा उगायी जाने वाली फसल है। जिसमें गन्ने के टुकड़े काटकर ही बीज गन्ना बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि मातृ गन्ने का चयन अच्छी तरह नहीं करने या रोगी गन्ने से तैयार प्रत्येक पेड़े में रोग लगना निश्चित है। काना, उकठा, कंडुवा, विवर्ण, गन्ने का बौना तथा लीफस्काल्ड सभी बीज द्वारा ही फैलते हैं। डा. सिद्धार्थ कश्यप ने गन्ने की संस्तुत प्रजातियों के विषय में जानकारी दी। साथ ही प्रशिक्षणार्थियों को गन्ना शोध क्षेत्र का स्थलीय भ्रमण कराकर प्रजातियों के विषय में जानकारी दी। उप गन्ना एवं चीनी आयुक्त डा. योगेंद्र पाल ने मृदा परीक्षण एवं एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन कार्बनिक एवं अकार्बनिक खादों का फसल उत्पादन में प्रयोग एवं उनको तैयार करने की विधि की जानकारी दी।

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