गज्ज खड्ड में खनन के खिलाफ आवाज बुलंद

नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। कांगड़ा घाटी रेलमार्ग पर गज्ज खड्ड पर बने पुल से लेकर जरोट पंचायत के बझेरा गांव तक ट्रैक्टर और टिप्पर से अंधाधुंध अवैध खनन पर क्षेत्रवासियों ने प्रशासन के प्रति रोष प्रकट किया है। जरोट पंचायत निवासी रोशन लाल, गुरदयाल सिंह, प्रकाश चंद, त्रिलोक चंद, सुकन्या देवी, जीवना देवी, सुलेखा देवी, रानो देवी, वीना देवी, श्रेष्ठा देवी, सलोचना देवी, संध्या, कश्मीरा देवी, विशन दास, रणजीत सिंह, सरदारी लाल, सूरम सिंह, समरजीत सिंह, विजय कुमार, ज्ञान चंद, कर्म चंद, मदन लाल, बख्शी राम सहित करीब 70 लोगों ने अपने हस्ताक्षरों के साथ उपायुक्त कांगड़ा, पुलिस अधीक्षक कांगड़ा, एसडीएम जवाली और डीएसपी जवाली को शिकायत पत्र लिख कर गज्ज खड्ड में हो रहे अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खनन माफिया गज्ज खड्ड से रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टर व ट्रक में रेत-बजरी उठा कर दूरदराज के क्षेत्रों में बेच रहे हैं। इससे रेलवे पुल के लिए खतरा बन गया है। वहीं, बझेरा गांव के लोगों के घरों व जमीन के धंसने का भी खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने शिकायत पत्र में यह भी लिखा है कि सरकार ने बझेरा गांव के लिए प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क बनाई है, लेकिन अंधाधुंध खनन के कारण सड़क भी खड्ड में तबदील हो गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीणों और रेलवे पुल की सुरक्षा के लिए गज्ज खड्ड में हो रहे खनन पर रोक लगाने के लिए पुख्ता कदम उठाए जाएं। जवाली के एसडीएम मोहन दत्त शर्मा ने कहा कि अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए उड़नदस्ते का गठन किया है और इस पर शीघ्र शिकंजा कसा जाएगा।

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