
अस्कोट। ग्रामीण क्षेत्र में खिलाड़ियों को तरासने के काम में युवा कल्याण और खेल मंत्रालय भारत सरकार के फरमान से झटका लगा है। मंत्रालय ने पायका (पंचायत युवा खेलकूद कार्यक्रम) के तहत रखे गए क्रीड़ा श्री को हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं।
युवा कल्याण विभाग द्वारा पायका योजना के तहत तीन साल पहले ग्रामीण क्षेत्रों में क्रीड़ा श्री की नियुक्तियां की थीं। इन लोगों को 500 रुपया प्रोत्साहन राशि दी जा रही थी। खंड विकास अधिकारी भूपाल प्रसाद के हस्ताक्षरों से जारी पत्र में क्रीड़ा श्री को हटाने की जानकारी देते हुए कहा है कि निदेशक युवा कल्याण उत्तराखंड ने युवा कल्याण और खेल मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशों का हवाला देते हुए क्रीड़ा श्री को हटाने के आदेश दिए हैं। इसके पीछे बजट की कमी बताई जा रही है।
खेल प्रतिभावों को बढ़ावा देने के लिए युवा कल्याण विभाग ने अस्कोट में खेल मैदान भी बनाया है। अस्कोट में चार क्रीड़ा श्री रखे गए थे। क्रीड़ा श्री विक्रम रावत, महेंद्र सिंह, नारायण सिंह, सुभाष कापड़ी ने बताया कि उन लोगों को 15 महीने से मानदेय भी नहीं दिया गया है। हटाने का आदेश देकर खेल मंत्रालय ने घोर अन्याय किया है।
