खेत में नदी का मलबा घुसा है तो खनन की अनुमति

हरिद्वार। यह खबर उन लोगों के लिए राहतभरी है जिनके खेत, खलियानों में नदी का मलबा घुस गया है। जिलाधिकारी ऐसे पीड़ितों को अपने खेतों से खनन की अनुमति दे रहा है। इसके लिए उन्हें 400 रुपये शुल्क जमाकर, एक शपथ पत्र देना होगा। अनुमति मिलने पर खेत से 30 सितंबर तक खनन सामग्री को निकाला जा सकता है।
जिलाधिकारी की ओर से जारी सूचना के अनुसार राज्य में आई आपदा के चलते सरकार ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। खनन करते समय पीड़ित को किसी तटबंध या सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने या सार्वजनिक रास्ते को बंद न करने का शपथ पत्र भी देना होगा। प्रार्थना पत्रों की जांच के लिए राजस्व विभाग, वन, भूतत्व एवं खनिकर्म, कृषि और सिंचाई विभाग की जांच समिति बनाई गई है। यह समिति देखेगी कि वास्तव में किसान के खेत में आपदा के कारण बालू, मिट्टी और बजरी जमा हुई है या नहीं। खेत से खनन सामग्री की बिक्री करने के लिए देय रायल्टी और अन्य टैक्स जमा करके खनन सामग्री का परिवहन रवन्ना एमएम-11 जिला कार्यालय से हासिल किया जा सकता है।

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