
टनकपुर। आपदा राहत प्रशिक्षण के लिए पिंडारी घाटी गए चंपावत जिले के साहसी युवाओं ने वहां फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने में अहम भूमिका निभाई। युवाओं की इस टीम ने लकड़ी की बल्लियों से पुल तैयार कर रस्सी के सहारे उफनाई पिंडारी और कफनी नदी को पार कराया।
रियल एडवेंचर संस्था के तत्वावधान में राजजात यात्रा की तैयारी के तहत जिले के 30 बच्चों और चार प्रशिक्षकों की टीम प्रशिक्षण के लिए बागेश्वर जिले के पिंडारी ग्लेशियर गई थी। टीम में शामिल टनकपुर निवासी प्रशिक्षक मौनी अरोरा ने लौटने पर आपदा की दास्तां बया की। उन्होंने बताया कि 16 से 17 जून तक प्रशिक्षण चलना था, लेकिन 17 जून की बारिश से आई आपदा में उनकी टीम और मुंबई, दिल्ली, मेरठ और लखनऊ के 20 पर्यटक भी दृवाली नामक स्थान में छह दिन तक फंसे रहे। पिंडारी नदी में बना पिंडारी को खाती मार्ग से जोड़ने वाला लकड़ी का पुल ध्वस्त हो गया था। कफनी नदी भी जबरदस्त उफान पर थी। बताया कि रस्सी और लकड़ी के सहारे न सिर्फ उनकी टीम बच सकी, बल्कि वहां फंसे पर्यटक और 25 ग्रामीणों को भी सुरक्षित निकाला। इस काम में टीम में शामिल युवा और बच्चों के साथ ही संस्था के मुख्य प्रशिक्षक विनोद भट्ट, सहायक प्रशिक्षण बसंत बल्लभ जोशी, मनीष जोशी शामिल थे।
