खाली हाथ लौटे चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी

उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। पोलिंग बूथ सज चुका था। चुनावी ड्यूटी को लेकर कर्मचारी भी तैनात थे। लेकिन पांच बजे तक यहां कोई भी मतदान करने नहीं पहुंचा। कुछ ऐसा ही हाल था लाहौल के नालडा और जसरथ गांव का। गांव की प्रमुख मांगों के पूरा न होने से नाराज पंचायत नालडा के लोगों ने लोकसभा के उपचुनाव का बहिष्कार कर दिया है। नालडा गांव में करीब 221 और जसरथ में 126 वोटर हैं। इस पंचायत के तहत गांव जसरथ पोलिंग बूथ में एक भी ग्रामीण मतदाता ने अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया। उपमंडल उदयपुर के तहत वामतट पर बसे लाहौल घाटी के नालडा और जसरथ गांव आजादी के 66 साल बाद भी सड़क सुविधा से महरूम है।
नालडा गांव के लोगों का कहना है कि उनके गांव के लिए चिनाब की धारा तक सड़क को बने 26 साल हो चुके हैं लेकिन चिनाब नदी पर पुल का निर्माण कार्य काफी सालों से कछुआ गति से चल रहा है। जसरथ गांव मुख्य सड़क से महज डेढ़ किलोमीटर दूर है। लेकिन आज दिन तक इस गांव के लिए सड़क नहीं बनी। ग्रामीण सुरेश कुमार, मोहन लाल, पन्ना लाल, ओम प्रकाश और हीरा लाल ने कहा कि समूची लाहौल घाटी में एक मात्र नालडा पंचायत सड़क सुविधा से महरूम है।
मतदान से एक दिन पूर्व डीसी वीर सिंह ठाकुर लोगों को समझाने आए थे लेकिन ग्रामीण नहीं माने। एसडीएम उदयपुर राजकृष्ण ठाकुर भी जसरथ पोलिंग बूथ पर पहुंचे और वहां के ग्रामीण मतदाताओं से मिले। लेकिन यहां एक भी मतदाता ने मतदान नहीं किया। डीसी वीर सिंह ठाकुर ने नालडा से एक भी मतदान नहीं होने की पुष्टि की है।

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