
खाद्य आपूर्ति विभाग का गोरखा समुदाय को राशन देने से इंकार
सोलन। जिले में रहने वाले गोरखा समुदाय के लोगों को जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राशन कार्ड पर दिसंबर माह का सस्ता राशन देने से इंकार कर दिया है। इन आदेशों का गोरखा समुदाय ने कड़ा विरोध जताया है। सोलन जिला गोरखा एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर इसका विरोध दर्ज किया है। इनमें से एक सुबाथू के कैप्टन देव सिंह शौर्य चक्र विजेता भी शामिल हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह सरासर गोरखा समुदाय का अपमान है और समुदाय के लोगों में विभाग के प्रति गहरा रोष है। एसोसिएशन के प्रधान कैप्टन कुंदन सिंह थापा ने कहा कि गोरखा समुदाय की राशन कार्ड, हिमाचली तथा ओबीसी प्रमाण पत्र संबंधी समस्याओं के बारे में उपायुक्त को विस्तार से अवगत करवाया। एसोसिएशन के प्रधान से एसोसिएशन की अगली बैठक एक सप्ताह के भीतर रखने की मांग भी रखी। नतीजतन इस मामले पर जिला प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम की समीक्षा की जा सके।
प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के उपप्रधान शौर्य चक्र विजेता सुबाथू के कैप्टन देव सिंह, महासचिव श्याम थापा, कोषाध्यक्ष धीरू थापा, सदस्य संध्या थापा, रोहिणी गुरंग, सुनीता राणा, संध्या छेत्री, लीला प्रधान, सीमा गुरंग, रेखा थापा, अजय थापा, दिनेश छेत्री, सुनीता गुरंग, किरण थापा, नरेश थापा, ममता थापा, दिनेश ठाकुर के अलावा हिमाचल प्रदेश गोरखा कल्याण बोर्ड के सदस्य रजत थापा शामिल रहे। वहीं उपायुक्त सोलन मदन चौहान ने प्रतिनिधिमंडल की मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मामले पर नियमानुसार विस्तृत जानकारी हासिल की जाएगी।
इससे पहले हुई बैठक
इससे पूर्व सोलन जिला गोरखा एसोसिएशन की एक आपात बैठक मंगलवार को हुई। बैठक में सर्व सहमति से निर्णय लिया गया कि गोरखा समुदाय की हिमाचली प्रमाण पत्र, ओबीसी प्रमाण पत्र, राशन कार्ड तथा अन्य समस्याओं को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंप कर सरकार से मांग की जाए कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित बनाए कि समुदाय के लोगों के हितों की उपेक्षा न हो।
इसलिए राशन बंद
एसोसिएशन के प्रेस सचिव सुनील थापा ने बताया कि गोरखा समुदाय, जो लोग सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार पात्रता रखते हुए वैध राशनकार्ड होल्डर हैं, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने उन्हें क्यों राशन देने से इंकार किया? खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के एक निर्णय के हवाले से सोलन जिला में रहने वाले समस्त गोरखा समुदाय के राशन कार्ड को निरस्त करना अथवा राशन देने से मना करना पूर्णत: गैर कानूनी है। सिरमौर, शिमला और कांगड़ा जिलों में समुदाय के लोगों को राशन कार्ड पर सभी सुविधाएं जारी हैं। सोलन जिला में ही इस समुदाय को राशन कार्ड सुविधा देने से क्यों मना किया गया?
यह उठाई मांग
विभाग द्वारा इस संदर्भ में डिपो होल्डरों को जारी आदेशों को तुरंत वापस लेने की मांग की। सदस्यों ने नए राशन कार्ड की पात्रता के लिए कृषि भूमि की अनिवार्यता की शर्त को भी वापस लेने की मांग रखी।
1982 में मिला था शौर्य चक्र
सुबाथू के कैप्टन देव सिंह ने बताया कि 1982 में उन्हें शौर्य चक्र का पुरस्कार दिया गया है। नागालैंड ऑपरेशन के दौरान उनके कानवाय पर हमला बोला था। साहस का परिचय देते हुए उन्होंने काउंटर अटैक करते हुए कई जानें बचाईं। वहीं भारतीय सेना का एम्यूनेशन भी बचाया।
