
धर्मशाला/बैजनाथ/पालमपुर (कांगड़ा)। कांगड़ा जिला में दूसरे दिन भी मौसम खराब रहा। इससे कई जगह नुकसान की भी सूचना है। उपमंडल बैजनाथ के बीड़ गांव में वन विभाग के रेस्ट हाउस को जाने वाले रास्ते में सफे दे का एक बड़ा पेड़ गिरने से हरनाम सिंह का मकान क्षतिग्रस्त हो गया। उधर, उपमंडल पालमपुर, धर्मशाला, शाहपुर, बैजनाथ तथा कांगड़ा में हुई भारी बारिश से किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं। शनिवार दोपहर से हुई बारिश ने गेहूं व आलू की फसल को नुकसान पहुंचाया। इलाके के गांवों में खेतों में पड़ी गेहूं की फसल और काटी गई फसल को नुकसान पहुंचा है। अगर मौसम ऐसा ही रहा तो बंपर फसल की उम्मीदों को झटका लग सकता है।
रनाम सिंह ने बताया कि गत शनिवार देर शाम को आए तूफान के दौरान सफेदे का बडा पेड़ उखड़कर उनके मकान पर गिर गया, जिससे मकान की दो छतों को भारी नुकसान पहुंचा है। दोनों छतें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। हालांकि घटना में घर में मौजूद किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं पहुंची है। हरनाम सिंह ने बताया कि उनका करीब एक लाख रुपए का नुकसान हुआ है। राजस्व विभाग के कर्मचारी ने घटनास्थल का दौरा कर हालात का जायजा लिया है। प्रभावित का कहना है कि पंचायत द्वारा बनाए गए पार्क की चारदीवारी को लगाने के समय पेड़ की जड़ें कटने के कारण पेड़ जमीन से खिसक गए हैं और तेज तूफान आने पर यह नीचे गिर गया। दूसरी तरफ गांववासियों मास्टर धनी राम, सचिन अवरोल, रमेश, सतीश आदि ने वन विभाग से बीड़ बस स्टैंड से रेस्ट हाउस तक के मार्ग को दोनों तरफ स्थित सूखे व खतरे का संकेत दे रहे पेड़ों को कटवाने का आग्रह किया है।
अंद्रेटा, पंचरुखी, मैंझा, भगोटला, भवारना, डरोह, अटियालादाई, बैजनाथ, बंदला, नगरी, परौर, फरेढ़, सुलह, खैरा, थुरल, धीरा, राजपुर, मारंडा आदि इलाकों में भारी बारिश से लोगों की गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। जबकि खेतों में लगी आलू की फसल को भी इस बारिश ने नुकसान पहुंचाया है। वहीं धौलाधार की चोटियों पर बर्फबारी होने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई।
