खफा विधायकों के आगे धीरेंद्र का प्रताप कम

हल्द्वानी। कांग्रेस प्रवक्ता और अनुशासन समिति के सचिव धीरेंद्र प्रताप के सुर चार दिन में ही बदल गए। 13 जून को देहरादून में बागियों को बाहर का रास्ता दिखाने की बात करने वाले धीरेंद्र रविवार को हल्द्वानी के स्वराज आश्रम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बागियों पर कुछ भी कहने से बचे। लेकिन पलटवार करने में माहिर धीरेंद्र ने हरीश रावत के उस बयान पर तीखी टिप्पणी की जिसमें श्री रावत ने अप्रत्यक्ष तौर पर उन्हें बयान बहादुर और बगैर जनाधार वाला बताया था। इसके जवाब में धीरेेंद्र ने बगैर रावत का नाम लिए कहा कि तिवारी शासन में भी पार्टी में विघ्न बहादुर थे और आज भी हैं। जिनकी वजह से कांग्रेस को 2008 में चुनाव हारना पड़ा था। जबकि सबसे अधिक विकास कार्य तिवारी के शासन में हुए।
धीरेंद्र प्रताप रविवार को हल्द्वानी कांग्रेस जिला कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने पहुंचे थे। धीरेंद्र ने कहा की पार्टी में सबकुछ सामान्य है। बागियों के सवाल पर उनका जवाब चार दिन पहले से हटकर था। उन्होंने कहा कि सभी विधायक विकास की बात कर रहे हैं। कांग्रेस के बगावत नहीं विकास की लड़ाई चल रही है इसका जनता को लाभ मिलेगा। इसके अलावा हर महीने पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने के लिए जिला कार्यकारिणी की बैठक भी की जाएगी। इसके अलावा पार्टी में जो टास्क फोर्स बनाई गई है वह सरकार के विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाएगी।

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