
बिलासपुर। बरमाणा थानांतर्गत चम्यौण के एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के मामले में पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट परिजनों व अन्य ग्रामीणों ने मंगलवार को एक बार फिर से जिला मुख्यालय में ‘धावा’ बोल दिया। उपायुक्त कार्यालय परिसर में नारेबाजी करने के साथ ही उन्होंने उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा।
चम्यौण गांव निवासी बेलीराम की गत 29 मई की रात संदिग्ध अवस्था में मृत्यु हो गई थी। वह हरनोड़ा-कसोल सड़क पर कोलडैम के व्यू प्वाइंट के पास मृत अवस्था में मिला था। पहले इसे दुर्घटना की नजर से देखा जा रहा, लेकिन परिजन व गांव के अन्य लोग इसे सुनियोजित हत्या करार देते रहे। करीब दो माह तक ग्रामीण कई बार जिला मुख्यालय आकर अधिकारियों से इसकी निष्पक्ष जांच की मांग करते रहे। बाद में गत 29 जुलाई को गांव के ही शशिपाल नामक व्यक्ति ने खुलासा किया था कि कुछ लोगों ने शराब के नशे में बेलीराम की हत्या करने का राज उगल डाला है। उसने इस मामले में छह लोगों के नाम गिनाए थे। इसके आधार पर पुलिस ने मामले में आईपीसी की धारा 302 व 201 जोड़कर तीन लोगाें को गिरफ्तार किया था।
मंगलवार को दोबारा जिला मुख्यालय पहुंचे लोगों ने कहा कि शशिपाल ने जिन छह लोगों के नाम गिनाए थे, उनमें से तीन अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस न तो उन्हें गिरफ्तार कर रही है और न ही मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। उपायुक्त से मांग की कि पुलिस को इस मामले में ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए जाएं। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक केके कौशल, हिलोपा के जिला अध्यक्ष दौलतराम शर्मा, प्रवक्ता केश पठानिया तथा ग्रामीण बाबूराम, सुंदरराम, मनोज, प्रेमलाल, नंदलाल, हेमराज, छोटाराम, सुमन, श्यामलाल, बृजलाल, सुरेश व रामलाल आदि शामिल थे। उधर, पुलिस अधीक्षक कपिल शर्मा ने कहा कि इस मामले में तीन लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। छानबीन का जिम्मा डीएसपी हेडक्वार्टर को सौंपा गया है।
