
भराड़ी (बिलासपुर)। स्वरोजगार के लिए ट्रैक्टर खरीद कर ग्रामीणों को अब ऋण चुकाना भी मुश्किल हो गया है। घुमारवीं के तहत अजमेरपुर ट्रैक्टर आपरेटर्स यूनियन ने खनन पर रोक लगने के कारण संघर्ष का रास्ता अख्तियार करते हुए उच्च न्यायालय में वास्तविक स्थिति रखने का निर्णय लिया गया है। आपरेटरों नेे मुख्यमंत्री सहित विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर अपना दुखड़ा रोया है।
रविवार को दधोल चौक में यूनियन की एक बैठक आयोजित की गई। इसमें क्षेत्र के करीब चार दर्जन ट्रैक्टर मालिकों के साथ अजमेरपुर ट्रैक्टर यूनियन के प्रधान नूतन चौहान, उपप्रधान कमल नयन सिंह पटियाल व सचिव राकेश कुमार ने भाग लिया। प्रधान ने कहा कि बैंकों से भारी लोन लेकर उन्होंने ट्रैक्टर डालकर स्वरोजगार का जो साधन जुटाया हैै, वह खाक में मिलकर रह गया है। क्योंकि दिनोंदिन बढ़ रहे टोकन टैक्स, गुड्ज टैक्स व भारी इंश्योरेंस जैसे टैक्सों ने उनकी हालत खराब हो गई है। वह खनन बंद के विरोध में नहीं हैं। जिस खनन को आज बंद करने की बात की जा रही है। वह महज एक छलावा है। सरकारी एवं गैर सरकारी कार्य तेज गति से हो रहे हैं। ऐसे में जाहिर है कि रेत और बजरी का खनन हो रहा है। उन्होंने सलाह दी है कि खड्डों में खनन वैज्ञानिक ढंग से भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि करीब आधा दर्जन विभाग ट्रैक्टरों के पीछे हाथ धोकर पडे़ हुए हैं। वह ट्रैक्टर खड़ा करने को तैयार है, लेकिन सरकार उन्हें रोजगार तो दे। अगले रविवार को घुमारवीं में बैठक आयोजित कर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। इस अवसर पर मनोज कुमार, रणजीत सिंह, सुखदेव, सतीश कुमार, मेहर चंद, नरेंद्र, राजेंद्र, संजीव, राकेश कुमार, दिवेश, सुभाष, संतोष कुमार, सुरेद्र कुमार, कुलदीप कुमार, अशोक कुमार, ज्ञान चंद, प्रीतम, देशराज सहित कई उपस्थित थे।
