
घनसाली (टिहरी)। असेना गांव के खनन पट्टे को लेकर एक बार फिर राजनीति शुरू हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ मजदूर ने रविवार को खनन के पट्टे पर सफाई में जुटे मजदूरों को भगा दिया। ग्रामीणों ने नौ सूत्रीय मांगों को लेकर विधायक भीमलाल आर्य के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक मांगे नहीं मानी जाती खनन नहीं होने दिया जाएगा। उधर, तहसील प्रशासन का कहना है कि असेना में खनन शुरू करने के लिए अभी किसी को भी अनुमति नहीं दी गई है।
असेना में खनन पट्टे से यहां निर्माणाधीन टिहरी बांध के 1000 मेगावाट वाले पंप स्टोरेज प्लांट के लिए रेत और पत्थरों की सप्लाई होनी थी लेकिन असेना के 48 परिवार खनन के विरोध में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खनन होने से भूस्खलन की समस्या बढे़गी। वे कई वर्षों से विस्थापन की मांग कर रहे हैं लेकिन शासन-प्रशासन गंभीर नहीं है। बीते 21 मार्च से ग्रामीणों ने विस्थापन और स्थानीय युवाआें को रोजगार देने आदि मांगों को लेकर विधायक भीमलाल के नेतृत्व में धरना शुरू किया था। 31 मार्च को एडीएम की अध्यक्षता में टीएचडीसी के साथ हुई बैठक में इन मांगों पर एक माह में कार्रवाई की सहमति बनी थी लेकिन पांच माह में एक भी समस्या का निस्तारण नहीं हो पाया। उल्टे खनन की कार्यदायी कंपनी ने रविवार को मजदूरों को गांव में भेज दिया। कहा जब तक उनकी मंागों पर कार्रवाई नहीं हो जाती है वे धरना जारी रखेंगे। विधायक भीमलाल आर्य ने प्रदेश सरकार पर खनन कारोबारियों के इशारे पर कार्य करने का आरोप लगाया। धरने पर साहब सिंह कुमांई,रामकुमार, सुंदर सिंह, मोर सिंह ,शिवलाल, राजेंद्र सिंह, धन सिंह,चैता देवी, छोदाड़ी देवी, सुंदरी देवी ,सौणी देवी, सुंदरा, विशन सिंह आदि बैठे रहे।
कोट
असेना गांव में खनन के लिए किसी को अनुमति नहीं दी गई है। बिना अनुमति के कैसे कोई खनन कर सकता है। खनन पट्टे स्थल पर मजदूर किसने भेजे इसकी जांच कराई जाएगी।
