
पथरी। जिस कटाव से भोगपुर और टांडा भागमल ग्रामीणों की नींद गायब है। शुक्रवार को खनन माफिया वहीं जेसीबी लेकर खनन करने लगे। भनक लगते ही दोनों गांव के ग्रामीण एकत्रित हुए और इसका विरोध करने लगे। दोनों पक्षों में नोकझोंक हुई। इससे पहले विवाद और बढ़ता ग्रामीणों के तेवर देखकर खनन करने वाले अपनी मशीनें और सामान समेट कर चलते बने।
भोगपुर और टांडा भागमल में ग्रामीण खनन के विरोध में लामबंद हो गए हैं। शुक्रवार को भोगपुर में गंगा के किनारे खनन माफिया जेसीबी और अन्य वाहन लेकर पहुंचे। दोनों गांव के लोगों को इसकी भनक लग गई। जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र सैनी के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जुट गए। ग्रामीणों का आरोप है कि जिन स्थानों पर खनन किया जा रहा है वहां गंगा के कटाव से आसपास के खेतों के अलावा दोनों गांवों को भी खतरा पैदा हो गया है। इन स्थानों पर किसी भी हालात में खनन करने नहीं देेंगे। इस दौरान दोनों पक्षों में नोकझोंक भी हुई। ग्रामीणों ने बताया खनन माफिया ग्रामीणों को खेतों से सिल्ट उठाने का अनुमति पत्र भी दिखा रहे थे। लेकिन ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए माफिया जेसीबी और अन्य वाहन लेकर चलते बने।
ग्रामीणों का आरोप है कि उत्तर प्रदेश के खनन माफिया ने भोगपुर और टांडा भागमल में किराए पर कई जगह भूमि ले रखी हैं। राजस्व विभाग के अधिकारियों से साठगांठ कर उक्त भूमि से सिल्ट उठाने की अनुमति भी ली हुई है। इसकी आड़ में यह क्षेत्र में खुलेआम खनन करना चाहते हैं। ग्रामीणों ने इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया हथियारों से लैस होते हैं। विरोध करने पर ग्रामीणों को धमकी भी दे रहे हैं। विरोध करने वालों में सुरेंद्र कुमार, परमजीत, पुनीत, लोकेश, जयवीर, रकम सिंह, सेठपाल, कंवरपाल, सुंदरलाल, नीरज आदि ग्रामीण उपस्थित थे।
इनसेट
रवासन नदी में अवैध खनन
लालढांग। बरसात में रवासन नदी में बहकर आए बोल्डरों को खनन माफिया बेरोक टोक उठा रहे हैं और नजदीक के गांवों में बेच रहे हैं। बावजूद इसके प्रशासन चुप्पी साधे हुआ है।
रवासन नदी श्यामपुर, चिड़ियापुर, चिला, लालढांग रेंज से होकर गुजरती है। लेकिन, यहां अवैध खनन रोकने के लिए सभी विभाग नाकाम साबित हो रहे हैं। जबकि राष्ट्रीय हरित न्याधिकरण की ओर से देश की सभी नदियों से बिना किसी लाइसेंस या पर्यावरण की अनुमति के रेत उठाने पर रोक लगा रखी है। दगड़िया जन कल्याण समिति के सदस्य आनंद सिंह नेगी ने कहा कि शीघ्र एक प्रतिनिधि मंडल वन मंत्री और वन विभाग के अधिकारियों से मिलेगा।
