
केलाखेड़ा। राजकीय इंटर कालेज केलाखेड़ा में विद्यार्थी रोज खतरे के साये में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। कालेज के जिन कक्षों में ये बच्चे बैठते हैं उनकी दीवारें इस कदर जर्जर हो चुकी हैं कि कभी भी वह काल बनकर मासूम बच्चों के ऊपर गिर सकती हैं। कालेज के 14 कक्षों में से 12 कक्ष पूरी तरह खंडहर को चुके हैं। ऐसे खतरे के खंडहरों में बच्चों का भविष्य संवर रहा है।
बता दें कि पिछले सप्ताह अमर उजाला ने अभियान के रूप में विद्यालयों की दुर्दशा पर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए। जिस पर प्रशासन जागा और एसडीएम इला गिरी ने स्कूलों का स्थलीय निरीक्षण कर गांव भटपुरी में जन मिलन केंद्र, गांव कनौरी में अध्यापक कक्ष और केलाबंदवारी में एक मकान के अंदर वैकल्पिक व्यवस्था की थी, लेकिन शिक्षा विभाग अब भी नहीं सुधरा।
केलाखेड़ा में वर्ष 1976 में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के रूप में स्थापना की गई थी। वर्ष 1998 में इंटर कालेज का दर्जा मिला। कालेज में आसपास के तीस गांवों के अलावा यूपी क्षेत्र से भी बच्चे में पढ़ने आते हैं। वर्तमान में 1300 छात्र छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहें हैं। विद्यालय में दो दशक पहले निर्माण किए गए 12 भवनों की हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी है। छतों में लटके खराब पंखे भी आंसू बहा रहे हैं। शौचालय भी खंडहर में तब्दील हो चुका है। जर्जर भवनों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओें में हर समय दुर्घटना होने का भय बना रहता है।
छात्रों का कहना है कि क्या करें पढ़ाई करनी है तो जर्जर कक्ष में बैठना ही पडे़गा। केलाखेड़ा क्षेत्र गदरपुर विधानसभा के अंतर्गत आता है। नागरिकों ने क्षेत्रीय भाजपा विधायक अरविंद पांडे पर कालेज की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। इधर प्रधानाचार्य राधेश्याम वैश्य ने कहा कि भवनों के जीर्णशीर्ण होने और भवन निर्माण के लिए खंड शिक्षा अधिकारी को लिखित में पत्र 22 जुलाई को रिसीव कराकर अवगत कराया जा चुका है।
