खड्ड का रौद्र रूप, पूरी रात जागे पांच गांवों के लोग

धर्मपुर (मंडी)। भारी बारिश के चलते रविवार रात को ठोटू खड्ड में आई बाढ़ से सिधपुर पंचायत के पांच गांवों के लोगों ने पूरी रात जाग कर काटी। अगर रात को ही गांव के लोग पानी का बहाव दूसरी तरफ नहीं मोड़ते तो खैर गांव में भारी तबाही होती। पिछले साल भी बरसात के मौसम में बादल फटने से सिधपुर पंचायत में भारी तबाही हुई थी। इससे लोग अभी भी सहमे हुए हैं। मूसलाधार बारिश होते ही लोगों की नींद हराम हो जाती है। रविवार रात को मूसलाधार बारिश के कारण पांच गांवों मलौहड़, बाहली, जोल, मलुआ और खैर के लोगों ने रात जागते हुए गुजारी। मल्होड़ निवासी पंजकूराम का मकान भी बारिश से क्षतिग्रस्त हो गया। ठोटू खड्ड पर निर्माणाधीन पुल को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसा ही हाल बाहली और जोल गांव के लोगों का था। जोल-मलुआ सड़क बंद पड़ी है। सिधपुर पंचायत के प्रधान गंगा राम ने कहा कि पिछले वर्ष 25 अगस्त 2012 को पंचायत में बादल फटने से चार घर और सात गौशालाएं पूर्ण रूप से बह गए थे। अब नौ गांवों में कई मकान खतरे में है। तीन गांव खड्डों के किनारे होने के कारण यहां स्थिति नाजुक बनी हुई है।
पिछले वर्ष हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रशासन ने उपमंडलीय भू-संरक्षण अधिकारी सरकाघाट को इस क्षति के संदर्भ में मूल्यांकन और प्रारूप तैयार करने के आदेश हुए थे। उपमंडलाधिकारी सरकाघाट और भू-संरक्षण अधिकारी सरकाघाट की ओर से स्वयं मौका किया गया। रोकथाम के लिए 75,39,300 रुपए का प्रारूप बनाकर जिला प्रशासन को भेजा था, लेकिन आज तक सरकार और प्रशासन की ओर से फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है। इस बार भी बरसात शुरू होते ही लोगों को नुकसान की चिंता सता रही है।

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