
खटीमा। खटीमा-बनबसा के बीच रेल लाइन के क्षतिग्रस्त होने से दूसरे दिन भी टनकपुर तक रेल सेवा सुचारू नहीं हो सकी। पीलीभीत यूपी से टनकपुर, बनबसा और चकरपुर के अतिरिक्त उत्तर भारत का सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरी के दर्शनार्थियों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। इस दौरान पूर्णागिरी मेला स्पेशल भी बंद है। रेल सेवा बंद होने डेगामार वाहनों की बन आई है। जो खटीमा से टनकपुर की दूरी तय करने के लिए मनमाना किराया लेकर असुरक्षित हालात में सवारियां ले जा रहे हैं।
पीलीभीत से खटीमा तक आने वाले विभिन्न रेल यात्रियों को खटीमा से टनकपुर तक की दूरी प्राइवेट डग्गामार वाहनों से करनी पड़ती है। हजारों की संख्या में खटीमा से टनकपुर तक आने जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिवहन सहित स्थानीय प्रशासन अनदेखी कर रहा है। थ्री व्हीलर, जीपें, टैक्सियां, मैजिक टनकपुर तक की 37 किमी दूरी मनमाना किराया वसूल कर तक करा रहे हैं। खटीमा-पीलीभीत टनकपुर रेलवे लाइन खटीमा और बनबसा के बीच उफनते बरसाती पानी से क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस दौरान डीआरएम उमेश सिंह ने क्षतिग्रस्त रेलवे लाइन का निरीक्षण भी किया और सुरक्षा की दृष्टि से खटीमा-टनकपुर तक रेल सेवा स्थगित कर दी थी।
