

मोदी पर टिकी हैं हिमाचलवासियों की उम्मीदें
इस कारण एक ओर जहां पुराने रेल प्रोजेक्टों के सिरे चढ़ने की आस है, वहीं सामरिक महत्व की बिलासपुर-मनाली-लेह रेल लाइन पर भी कोई घोषणा होने की उम्मीद है। हालांकि, इससे पहले कई वर्षों से रेल बजट में हिमाचल की अनदेखी होती रही है। जो नई रेल लाइनें सर्वे के लिए भी बजट में दिखाई जाती हैं, उनको भी बजट नहीं मिलता।
क्या पहाड़ पर चढ़ पाएगी मोदी की रेल?

पढ़िए, क्या कहा था मोदी ने?
लेकिन यहां पर्यटन को विकसित करने की जरूरत है। ऐसा रेल विस्तार से ही हो सकता है। पहाड़ों की जरूरत अलग होती हैं। यदि मुझे आपकी सेवा का मौका मिला तो हिमालयी राज्यों के लिए अलग नीति बनाएंगे। चुनाव के दौरान मोदी ने यह भाषण हिमाचल में दिया था।
प्रदेश सरकार ने भी उठाई अपनी मांगें
हमीरपुर से भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने ऊना से हमीरपुर रेल लाइन के सर्वे, नंगल-ऊना-तलवाड़ा रेल लाइन के लिए ज्यादा बजट देने, अंदौरा तक रेल लाइन के विद्युतीकरण, अंब में रेल की सफाई की सुविधा देने और नंगल तक आने वाली सभी रेल सेवाएं ऊना तक करने की मांग उठाई है। पठानकोट आने वाले धौलाधार एक्सप्रेस की संख्या बढ़ाने और पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल लाइन को मंडी तक बढ़ाने की मांग भी उठी है।
