

बैठक का आयोजन प्रदेश इकाई के विस्तार और प्रदेश के नेताओं की पार्टी प्रभारी से आमने-सामने वार्ता के उद्देश्य से किया गया था। सूत्रों का कहना है कि बैठक में कई पदाधिकारियों ने 2022 के विधानसभा चुनाव अकाली दल के साथ मिलकर लड़ने पर अनिच्छा जाहिर की। कुछ पदाधिकारियों ने प्रभात झा से यह भी कहा कि अगर अकाली दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ना ही है तो पूर्व मंत्री मदन मोहन मित्तल के फार्मूले के तहत लड़ा जाए। इसमें मित्तल ने आधी-आधी सीटों पर लड़ने की बात कही थी। यानी भाजपा 59 सीटों पर और अकाली दल 58 सीटों पर चुनाव लड़े।
करीब तीन घंटे चली बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी को गठबंधन के बारे में अभी से फैसला ले लेना चाहिए और सीटों के बंटवारे पर सहमति बना लेनी चाहिए। ऐन चुनाव के मौके पर होने वाली हलचल पार्टी कार्यकर्ताओं को भी उलझन में डालती है और विभिन्न सीटों पर कड़ी मेहनत कर रहे कार्यकर्ता और नेता अंतिम समय पर हतोत्साहित हो जाते हैं। पदाधिकारियों ने इस मुद्दों को पार्टी हाईकमान तक पहुंचाने का आग्रह किया। प्रभात झा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने कहा कि सभी नेता पार्टी की रीढ़ हैं और उनके विचारों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा।
हम पार्टी को परिवार की तरह चलाते हैं: प्रभात झा
बैठक में प्रभात झा ने कहा कि हम पार्टी को परिवार के रूप में चलाते हैं लेकिन अन्य लोग परिवार को पार्टी के रूप में चलाते हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है और यहां हर कार्यकर्ता सेवा को अपना सौभाग्य व गौरव समझता है। कार्यकर्ताओं ने कोरोना की चुनौतियों को दरकिनार करते हुए फ्रंटलाइन पर सेवाकार्य किए। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा संगठन महामंत्री दिनेश कुमार, प्रदेश महामंत्री डॉ. सुभाष शर्मा, मालविंदर सिंह कंग भी उपस्थित रहे।
