कौशल विकास भत्ते पर शर्तें भारी

शिमला। कौशल विकास भत्ता योजना पर शर्तें भारी पड़ रही हैं। 400 से अधिक युवा फार्म लेकर गए लेकिन जमा महज 8 ही फार्म हुए। भत्ते के लिए 100 करोड़ रुपये के बजट के बावजूद जिले में 4 युवाओं को ही भत्ता मिल पाया है। कौशल विकास भत्ता लेने के लिए युवाओं में रुझान क्यों नहीं है? जब इस मामले की पड़ताल की गई तो मालूम पड़ा है कि बेरोजगार युवाओं पर कौशल विकास भत्ता लेने के लिए रोजगार विभाग की शर्तें भारी पड़ रही हैं। रोजगार विभाग की शर्तों को आवेदक को शपथपत्र के माध्यम से विभाग में जमा करवाना है। कई शर्तें ऐसी हैं, जिन्हें 18 से 35 उम्र के कई युवा पूरा नहीं कर पा रहे हैं।

इन्हें मिला है कौशल विकास भत्ता
संजौली के वरुण कालिया को जुलाई, बालूगंज की अनुपमा, मिडल बाजार से सुदेश कुमारी और रामपुर से सितारा सिंह को अगस्त से कौशल विकास भत्ता मिलना शुरू हुआ है। इन्हें राज्य सरकार प्रतिमाह एक हजार रुपये दे रही है।

ये हैं शर्तें
आवेदक किसी भी सरकारी विभाग या इसकी किसी भी शाखा, पब्लिक सेक्टर, कारपोरेशन में कार्यरत न हो
आवेदक ने हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड, विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान से शिक्षा प्राप्त की हो
आवेदक न निजी सेक्टर में काम करता हो न अपना कोई निजी उद्योग धंधा चलाता हो
आवेदक हिमाचल प्रदेश का मूल निवासी हो
आवेदक सरकार की तरफ से निष्कासित कर्मचारी न हो
आवेदक का रोजगार कार्यालय में नाम दर्ज हो
आवेदक की परिवार सहित वार्षिक आय दो लाख से कम हो
आवेदक की उम्र 18 से 35 वर्ष के मध्य हो
आवेदक 48 घंटाें से अधिक समय तक कारागार में सजायाफ्ता न रहा हो
आवेदक ने किसी अन्य रोजगार कार्यालय में भत्ते के लिए आवेदन न किया हो
आवेदक सरकारी या गैर सरकारी तौर पर आर्थिक सहायता, रियायत या स्कालरशिप न लेता हो
झूठी जानकारी देने पर रोजगार कार्यालय को पूर्ण हक होगा कि आवेदक को अपात्र समझा जाए। यदि वो भत्ता प्राप्त भी करता है तो उसे रोजगार कार्यालय में भत्ते को ब्याज के साथ राशि को वापस करना होगा

युवाओं को किया जाएगा जागरूक
युवाओं में कौशल विकास भत्ते संबंधी जानकारी न होने के कारण कम आवेदन आए हैं। युवाओं को जागरूक करने के लिए रोजगार अधिकारी प्रशिक्षण संस्थानों में जाकर युवाओं को जागरूक करेंगे।
क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी संगीता गुप्ता

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