कौन सही, बोर्ड या विवि से मान्यता प्राप्त पुस्तकें?

बिलासपुर। स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा बीते सितंबर में आयोजित टीजीटी आर्ट्स की टेट परीक्षा की आंसर-की पर परीक्षार्थियों ने सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि फाइनल आंसर-की में गलतियां हैं। विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त पुस्तकों में संबंधित सवालों के कुछ और ही जवाब हैं। गलती चाहे किसी भी स्तर पर हुई हो, लेकिन इससे हजारों परीक्षार्थियों को अपना भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है।
गेहड़वीं बेरोजगार संघ के प्रधान अनिल कुमार के साथ ही सुभाष, अजय गौतम, जीवन शर्मा, यशपाल गौतम, सोहनलाल, ओंकार शर्मा, ममता देवी, प्रियंका चंदेल, दीपिका नड्डा, केवल कृष्ण व राजेंद्र शांडिल्य आदि ने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा गत 29 सितंबर को आयोजित टीजीटी आर्ट्स की टेट परीक्षा की पहली आंसर-की पांच अक्तूबर को जारी की गई थी। उसमें करीब एक दर्जन सवालों के जवाब गलत दर्शाए गए थे। इसके बाद गत 23 अक्तूबर को फाइनल आंसर-की जारी की गई, लेकिन उसमें भी गलतियां हैं। आंसर-की में दर्शाए गए कई सवालों के जवाब हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त पुस्तकों से अलग हैं।
परीक्षार्थियों के अनुसार गलती चाहे बोर्ड द्वारा जारी आंसर-की में हो या विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त पुस्तकों में, इसका खामियाजा अपने जीवन की गाड़ी को आधे तक घसीट चुके बेरोजगारों को ही भुगतना पड़ेगा। उन्होंने स्कूल शिक्षा बोर्ड व सरकार से इस गलती को सुधारकर परीक्षार्थियों को कृपांक देने की मांग की है। साथ ही चेतावनी भी दी है कि उन्हें न्याय न मिलने की स्थिति में वे प्रमाणों सहित अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

Related posts