
बागेश्वर। जिले में दो पहिया वाहनों की गति पर नियंत्रण कौन रखेगा ? यह यक्ष प्रश्न बनता जा रहा है। वाहनों की गति पर नियंत्रण नहीं होने से लोग खासे चिंतित हो गए हैं। मार्ग पर दोपहिया वाहनों के तेज गति से चलने से अब तक कई चोटिल हो चुके हैं। बच्चे किस वाहन से चोटिल हुए इसका भी पता नहीं चल पाता है। वाहन चालक टक्कर मारने के बाद फुर्र हो जाते हैं।
यातायात के नियम के अनुसार नगर क्षेत्र में दो पहिया वाहनों की गति सीमा 25 किमी प्रति घंटा है। इसके अलावा नगर में कई जगह बोर्ड लगे हैं कि धीरे चलिए सुरक्षित रहिए, गति पर नियंत्रण रखिए। लेकिन इन बोर्डों और नियमों की कुछ दो पहिया चालक खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। वह मुख्य मार्गों से लेकर बाजारों में बेखौफ 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रहे हैं। कार्रवाई नहीं होने से वाहन चालकों के हौसले बुलंद हैं। सबसे अधिक गति पिंडारी मार्ग में देखी जा सकती है। इस मार्ग में न तो स्पीड ब्रेकर हैं और न ही पुलिस के बैरियर। ऐसे में सबसे अधिक चिंतित वह अभिभावक हैं जिनके छोटे-छोटे बच्चे अकेले स्कूल आते जाते हैं। इस मार्ग में कई वाहन चालक बच्चों को टक्कर मारकर चोटिल कर चुके हैं। व्यापारी अनिल साह, राजेंद्र साह, हेमंत कुमार, बीसी पांडे, आरसी तिवारी, बीसी कांडपाल, केसी गुरूर्रानी, शिक्षक दीप पांडे, आनंद कांडपाल ने पुलिस से कहा कि वह अनियंत्रित गति से चल रहे वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाएं। इधर एसपी निवेदिता कुकरेती ने कहा कि गति नियंत्रण को पुलिस को खास निर्देश दिए हैं। जिसमें कार्रवाई भी हो रही है। उन्होंने लोगों से भी अपील कि है कि यदि कोई वाहन अनियंत्रित गति से चल रहा है तो उसकी सूचना उन्हें फोन पर दे सकते हैं।
