
पौड़ी। आपदा प्रभावित अब खुद ही अपनी परेशानी को अदालत के समक्ष रख सकेंगे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की कोर कमेटी के अध्यक्ष ने यह व्यवस्था कर दी है। आपदा राहत के निरीक्षण को गठित विधिक सेवा प्राधिकरण की कोर कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक श्रीनगर में आपदाग्रस्त आवासीय भवनों से मलबा तो हटाया जा रहा है लेकिन उसे भवन के बाहर ही एकत्र किया जा रहा है। बारिश होने से फिर यह मलबा घरों में घुस सकता है। इसके अलावा कई प्रभावितों को प्रतिकर की राशि का भुगतान नहीं हुआ, तो किसी प्रभावित को बहुत कम प्रतिकर दिया गया है। रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए कमेटी की अध्यक्ष जिला जज कुमकुम रानी ने आदेश दिए कि यदि किसी प्रभावित की अनदेखी हो रही है तो वह शपथ पत्र के साथ साक्ष्य और प्रभावित क्षेत्र के फोटोग्राफ के साथ स्वयं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में आवेदन कर सकता है। मामलों में मुकदमा दर्ज होने की स्थितियां बनी तो विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से अधिवक्ता के अलावा पैरवी से संबंधित सारी व्यवस्थाएं निशुल्क मुहैया कराई जाएंगी।
