
भीमताल। ग्राफिक ऐरा पर्वतीय विवि के कुलाधिपति प्रो. कमल घनसाला को उनके शोध कार्य के लिए कोपेनहेगन में सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके शोधपत्र ‘एसोसिएटिव इंफारमेटिव एन अप्रोच शिफ्ट टू एड्स ग्रोइंग टेक्नोलाजिकल डिमांड’ के लिए प्रदान किया गया। पहली बार यहां विवि परिसर पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया।
प्रो. घनशाला ने बताया कि डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में इंटरनेशनल कांफ्रेंस में उन्होंने यह शोधपत्र प्रस्तुत किया। शोधपत्र में घनशाला ने बताया है कि भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी कंप्यूटर और तकनीक नहीं पहुंच पाई है। नई तकनीक क्लाउड कंप्यूटरिंग के उपयोग से इस अंतर को भरा जा सकता है और भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में कंप्यूटर और आधुनिक तकनीक का उपयोग करने वालों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
उन्होंने बताया कि स्वीटजरलैंड, चीन, अमेरिका क्लाउड कंप्यूटरिंग का प्रयोग कर दुनिया में अलग पहचान बना चुके हैं। इस दौरान डीन प्रो. आरसीएस मेहता, प्रो. घनशाला की पत्नी राखी घनशाला भी मौजूद थी।
