
रामपुर बुशहर। जमा दो के बाद डिग्री कॉलेज पहुंच रहे युवा अंग्रेजी भाषा में कम ही रुचि दिखा रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो डिग्री कालेज में प्रवेश लेने पहुंचे छात्रों में से केवल नाममात्र छात्रों ने ही अंग्रेजी विषय पढ़ने में रुचि दिखाई है।
डिग्री कॉलेज रामपुर में इस साल प्रथम वर्ष में 1047 छात्रों ने प्रवेश लिया। लेकिन, एक हजार छात्रों मे से केवल 29 छात्रों ने ही अंग्रेजी भाषा को अपना मेजर विषय चुना है। यही हाल डिग्री कॉलेज आनी का भी है। इस कालेज में प्रथम वर्ष में करीब 250 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है। लेकिन, यहां भी अंग्रेजी भाषा को केवल 09 छात्रों ने ही अपने मेजर विषय के रूप में चुना है। इससे साफ है कि युवा वर्ग अंग्रेजी भाषा को पढ़ना नहीं चाह रहा है। डिग्री कॉलेज रामपुर के प्राचार्य डॉ. एसबी नेगी ने कहा कि 29 छात्रों ने अंग्रेजी भाषा को मेजर विषय के रूप में चुना है।
क्या कहते हैं छात्र संगठन
अंग्रेजी अनिवार्य होनी चाहिए : एसएफआई
एसएफआई महासचिव रुचिका बजीर का कहना है कि अंग्रेजी भाषा को अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाना चाहिए। अगर छात्रों की पकड़ अंग्रेजी विषय पर नहीं होगी तो आने वाले समय में छात्रों को परेशानियों से दो चार होना पड़ेगा। चूंकि, किसी भी प्रवेश परीक्षा या साक्षात्कार के लिए अंग्रेजी भाषा का ज्ञान होना जरूरी है।
भाषाओं का ज्ञान होना जरूरी : एबीवीपी
एबीवीपी के संगठन मंत्री जीत सिंह का कहना है कि भाषा के जो भी विषय हैं, वे अनिवार्य होने चाहिए। चाहे वह हिंदी हो या अंग्रेजी। जब तक छात्रों को भाषाओं का ज्ञान नहीं होगा, आगे चलकर परेशानी होगी।
