कैसे लीक हुआ रोजनामचा, एएसपी करेंगे जांच

बिलासपुर। एक विधायक के खिलाफ लिखी गई रोजनामचा लीक होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठने लगे हैं। मामूली चालान काटने के इस घटनाक्रम ने रोजनामचे की प्रति लीक होने के बाद ही राजनीतिक रंग ले लिया था। भाजपा ने मीडिया को प्रतियां जारी की। पुलिस ने भी मामले की प्रारंभिक जांच के बाद अब विभागीय जांच शुरू कर दी है। रोजनामचे को लेकर एसएचओ और चार अन्य अन्य पुलिस जवानों के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। एएसपी विनोद कुमार को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। एसपी अनुपम शर्मा ने विभागीय जांच की पुष्टि की है।
कुछ दिन पहले भाई का चालान काटने पर विधायक द्वारा पुलिस कर्मियों के साथ बदसलूकी के कथित आरोप लगे थे। एक महिला पुलिस कर्मी ने इसकी रिपोर्ट रोजनामचे में लिख दी। अचानक कुछ दिन बाद यह रोजनामचा भाजपाइयों ने मीडिया को जारी करते हुए विधायक की घेराबंदी कर डाली। विधायक ने भी पत्रकार वार्ता बुलाते हुए कुछ अपने ही लोगों और भाजपा द्वारा उनके खिलाफ षड्यंत्र रखने के आरोप लगाए। अब पांच पुलिस कर्मचारियों पर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों की मानें तो रोजनामचे की प्रति शिकायत कर्ता के अलावा किसी को नहीं दी जा सकती। ऐसे में यह प्रति पुलिस थाना घुमारवीं से निकालकर कैसे भाजपा के लोगों के पास पहुची? इस पर कई दिनों से पुलिस जांच कर रही प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद एसपी को रिपोर्ट मिली तो उन्होंने विभागीय जांच के आदेश दे दिए।
एसपी अनुपम शर्मा ने बताया कि एएसपी विनोद कुमार को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। उनके अनुसार जिन जवानों के खिलाफ विभागीय जांच बैठाई गई है, उनकी जिम्मेदारी थी की दस्तावेज लीक न हो। यदि लीक हुआ तो कहां से और कैसे? इसका खुलासा छानबीन से होगा।

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