कैरोसिन कोटा 742 केएल, पर मिल रहा 238

अल्मोड़ा। पिछले एक वर्ष से अधिक समय से जिले को निर्धारित कोटे के मुताबिक कैरोसिन नहीं मिल रहा है। 742 किलो लीटर प्रतिमाह के विपरीत जिले कोमात्र 238 किलो लीटर ही कैरोसिन की सप्लाई हो पा रही है। ऐसे में गैस सिलेंडर विहीन कार्डधारक को सात लीटर के स्थान पर दो लीटर कैरोसिन बमुश्किल मिल पा रहा है। इस स्थिति में गैस सिलेंडर विहीन गरीब लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
जिले में करीब 1.61 लाख राशन कार्डधारी हैं। इनमें से 84 हजार कार्डधारी परिवारों के पास रसोई गैस सिलेंडर नहीं है। शासन ने गैस सिलेंडर धारक के लिए कैरोसिन का कोटा पूर्व में ही समाप्त कर दिया है जबकि गैस सिलेंडर विहीन कार्डधारियों को प्रतिमाह सात लीटर कैरोसिन निर्धारित है। जिले में गरीब लोगों के पास गैस सिलेंडर नहीं हैं। निर्धन कैरोसिन और लकड़ी में खाना बनाते हैं। बिजली गुल होने पर कैरोसिन के लैंप भी जलाते हैं। कार्डधारकों को सस्ते गल्ले की दुकानों से कैरोसिन मिलता है।
शासन से जिले के लिए हर माह 742 किलो लीटर कैरोसिन का कोटा निर्धारित किया है। सिलेंडर विहीन कार्डधारकों को प्रतिमाह सात लीटर कैरोसिन दिया जाना चाहिए। परंतु पूर्ति विभाग को मात्र 238 किलो लीटर ही कैरोसिन मिल रहा है। ऐसे मेें कार्ड धारकों को मुश्किल से दो लीटर तक ही कैरोसिन मिल पा रहा है। इधर जिला पूर्ति अधिकारी टीएन उपाध्याय ने बताया कि शासन से तय कोटे के मुताबिक कैरोसिन की सप्लाई नहीं हो रही है।

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