
शिमला। क्या राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री सरकार की सूचनाएं लीक कर रहे हैं? ये सवाल इसलिए उठ रहा है, क्योंकि मुख्य सचिव पी. मित्रा ने एक सर्कुलर जारी कर मंत्रियों से अपील की है कि वे कैबिनेट की बैठकों में मोबाइल फोन न लाएं। सर्कुलर वीरवार को कैबिनेट बैठक से ठीक पहले जारी हुआ। इसमें कहा गया है कि जब भी मंत्रिमंडल की बैठक हो, सभी मंत्री बिना मोबाइल फोन के इसमें आएं। कैबिनेट में शामिल होने वाले शीर्ष अफसरों पर भी यह प्रतिबंध स्वत: लागू हो गया है।
हालांकि, सर्कुलर में यह नहीं लिखा गया है कि ये निर्देश क्यों जारी किए जा रहे हैं। सूत्र कहते हैं कि सरकार के ध्यान में कुछ ऐसे घटनाक्रम आए हैं, जिसमें कैबिनेट मीटिंग से ही मंत्रियों के मोबाइल से एसएमएस चले गए कि आपका काम हो गया। इससे कुछ मामलों में बाद में सरकार की फजीहत भी हुई है। इसके बाद यह सर्कुलर जारी हुआ।
इससे पहले 25 अक्तूबर को मुख्यमंत्री वीरभद्र के आदेश पर कैबिनेट मंत्रियों की हाजिरी लगाने की व्यवस्था लागू की गई थी। इसके अनुसार मंत्री कार्यालय के निजी स्टाफ ने मुख्य सचिव को सुबह 11 बजे तक संबंधित मंत्री की हाजिरी बतानी थी। यह व्यवस्था आज भी लागू है। यह इसलिए किया गया था कि कैबिनेट मंत्री सप्ताह में कम से कम चार दिन सचिवालय में मौजूद रहने वाले निर्देशों का पालन करें, लेकिन ये भी नहीं हो पा रहा है। इसी बीच अब एक नया सर्कुलर आ गया है।
