
शिमला
हिमाचल सरकार के कैबिनेट मंत्री के खिलाफ चल रही विजिलेंस जांच के बीच सियासी उठापटक अब राजभवन तक पहुंच गई है। पूर्व कांग्रेस नेता मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को शिकायती पत्र लिखकर मामले में जांच कराने की मांग कर दी है। शुक्रवार को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बीच हुई मुलाकात के बाद अब राजभवन को शिकायत मिलने से मंत्री की मुश्किलें और बढ़ना तय हो गया है।
दरअसल, मनकोटिया की तरफ से भेजी गई शिकायत में मंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े कई संगीन आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि मंत्री ने अपने करीबी रिश्तेदारों के नाम पर करोड़ों की जमीन को खरीदा है। साथ ही अपने करीबियों को डमी के तौर पर आगे कर उनके नाम पर भी बेनामी सौदे किए हैं। मनकोटिया ने राज्यपाल से मांग की है कि वह इस मामले में दखल देते हुए कार्यवाही करें।
चूंकि इसी मंत्री के खिलाफ प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत पहले ही पहुंच चुकी है और इसी वजह से प्रदेश विजिलेंस की धर्मशाला इकाई ने पहले ही मामले में जांच शुरू कर दी है। ऐसे में माना जा रहा है कि मंत्री की मुश्किलें बढ़ना तय है। उल्लेखनीय है कि एक मंत्री के खिलाफ करोड़ों की जमीन खरीद की शिकायत की विजिलेंस जांच शुरू होने की खबर प्रकाशित की थी। इसके अगले ही दिन मंत्री दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे।
मंत्री का जल्द हो सकता है इस्तीफा
मंत्री पिछले तीन दिन से दिल्ली में हैं लेकिन उन्हें केंद्रीय नेतृत्व के किसी भी नेता से मुलाकात करने का समय नहीं मिल पा रहा है। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से हुई मुलाकात के दौरान मामले में पूरी स्थिति पहले ही स्पष्ट कर दी थी। ऐसे में इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि मंत्री का जल्द ही इस्तीफा हो सकता है।
मंजूरी के बाद शुरू होगी नियमित जांच
फिलहाल विजिलेंस की धर्मशाला इकाई ने शिकायत का डिस्ट्रिक्ट वेरिफिकेशन कर लिया है और स्टेट विजिलेंस मुख्यालय भेज दिया है। सूत्रों का कहना है कि अगर सरकार ने अनुमति दी तो मामले में नियमित जांच या एफआईआर की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।
