
पांगणा (मंडी)। क्षेत्र के बागवानों और किसानों को इस बार कैन खाद न मिलने से भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कैन की सप्लाई पूरी तरह बंद होने से बागवानों को दोगुने दाम पर कैल्शियम नाइट्रेट खरीदकर जेब ढीली करनी पड़ रही है। सराज और सुकेत के हजारों बागवान मार्च शुरू होते ही कैन खाद के लिए यहां वहां भटक रहे हैं।
उद्यान विभाग के विशेषज्ञों के मुताबिक मार्च में सेब के लिए नाइट्रोजन देने से पौधों की ग्रोथ अच्छी होती है। सेब में फल देने वाले फूल और बीमे ताकतवर बनकर अच्छी फसल देने में मदद करते हैं। क्षेत्र में कई सालों से बागवान फरवरी और मार्च में कैन डालकर नाइट्रोजन की मात्रा पूरी करते रहे हैं। हालांकि इससे पहले किसानों और बागवान को कैन खाद का 50 किलो का बैग 1000 से 1100 रुपये में मिलता था। इस बार बागवानों को कैल्शियम नाइट्रेट का 25 किलो का बैग करीब 1200 रुपये देकर खरीदना पड़ रहा है।
बागवान राम सिंह, कुशाल चंद, देवी राम, देवकी नंदन, योगराज शर्मा, विकास, योगेंद्र शर्मा और जय प्रकाश ने कहा कि किसानों को कैन खाद दोगुने दाम देकर नाइट्रोजन मिलेगी। इससे किसानों बागवानों को आर्थिक नुकसान होगा। उद्यान विभाग के खंड विकास अधिकारी दीपराम ठाकुर ने कहा की आज कल किसानों को सेब की 10 से 20 साल के पौधोें में करीब 700 ग्राम कैन खाद डालनी चाहिए। करसोग में तैनात हिमफेड के प्रभारी यशवीर ने बताया कि कैन खाद की सप्लाई पूरी तरह बंद है। इसकी जगह कैल्शियम नाइट्रेट उपलब्ध है।
