केदारनाथ मंदिर की सफाई के इंतजार में साधु-संत

तीर्थ स्थलों की मर्यादा बचाने के लिए जगद्गुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के सानिध्य में लगातार चिंतन चल रहा है। जैसे ही केदारनाथ में मंदिर की सफाई हो जाएगी, शवों का दाह संस्कार हो जाएगा। हरिद्वार से संतों का जत्था पूजा-अर्चना शुरू करने के लिए केदारनाथ पहुंच जाएगा।

स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से मिल रहे संत
स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से विभिन्न संप्रदायों के संतों का मिलना जारी है। संन्यासियों के अलावा बैरागी, उदासीन और निर्मले संत भी शंकराचार्य से मिलने पहुंच रहे हैं। सभी केदारनाथ सहित विभिन्न धर्मस्थलों की वर्तमान व्यवस्थाओं पर चिंतन कर रहे हैं।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, चिन्मयानंद सरस्वती, हरिनारायणानंद, डा. श्यामसुंदर दास शास्त्री, रवींद्र पुरी, ऋषिश्वरानंद आदि के साथ-साथ पंचपुरी षड़दर्शन साधु समाज के संत भी शंकराचार्य से निर्देश प्राप्त कर रहे हैं। सभी ने जगद्गुरु को आश्वस्त किया कि जिस दिन उनका आदेश होगा, साधु-संत केदारनाथ में पूजा के लिए रवाना हो जाएंगे।

साधु-संत कर रहे आकलन
उत्तराखंड की यात्रा ठप होने से राज्य पर पड़ रहे प्रभाव का भी साधु-संत आकलन कर रहे हैं। स्वामी श्रीधरानंद के अनुसार शंकराचार्य इससे आहत हैं कि भीषण आपदा से प्रदेशवासियों का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। उत्तराखंड के लोगों को शक्ति प्रदान करने के लिए शंकराचार्य के कनखल स्थित मठ में अनुष्ठान जारी है।

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