
केदारधाम के पुनरुद्धार में अभी दो सीजन और लगेंगे। मैटीरियल को वहां तक पहुंचाना भी बड़ी चुनौती होगी। यह आकलन है केदारनाथ से लौटी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम का।
टीम सप्ताह भर पहले मंदिर परिसर के मुआयने के लिए सड़क मार्ग से गई थी। गुप्तकाशी से चापर से मंदिर परिसर पहुंची। लगभग डेढ़ दिन के आकलन का नतीजा प्री-लिमिनरी रिपोर्ट के रूप में एएसआई के डीजी को सौंपा जाएगा।
केदारधाम गई टीम में कुल आठ विशेषज्ञ शामिल थे। इनमें एएसआई समेत वाडिया इंस्टीट्यूट आफ हिमालयन जियोलाजी, आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिक भी थे। एएसआई के विशेषज्ञों ने मंदिर और परिसर का जायजा लिया। पुनरीक्षण के लिए पूर्व में यहां गई एएसआई की टीम के खींचे गए मंदिर के चित्रों का भी सहारा लिया गया।
कई दिन से हो रही बारिश
सूत्रों की मानें तो यहां कई दिन से बारिश हो रही है। नुकसान ईशानेश्वर मंदिर समेत केदारनाथ मंदिर की दीवारों को हुआ है। एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद् (दून सर्किल) अतुल भार्गव के अनुसार जीएसआई के मलबे को हटाने की कार्रवाई के बाद ही आगे की कार्रवाई हो सकेगी। उधर, जीएसआई के डीडीजी टीएस पांगती के मुताबिक टीम लौटी है, लेकिन अभी पूरी रिपोर्ट नहीं मिल पाई है।
