
रुद्रप्रयाग। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग और जंगलों में शवों के मिलने का सिलसिला जारी है। दो दिनों में 57 शव यहां बरामद हो चुके हैं। इनमें 13 भीमबली और 44 रामबाड़ा में मिले हैं। पुलिस टीमें केदारनाथ से जंगल के रास्ते गौरीकुंड की ओर शवों की खोज में जुटी है।
केदारनाथ जल प्रलय में मारे गए श्रद्धालुओं, कर्मचारियों, तीर्थ पुरोहित, व्यापारियों और मजदूरों के शवों की तलाश में पुलिस और एनडीआरएफ ने अभियान चलाया था, जिसमें गौरीकुंड से केदारनाथ तक लगभग 290 शवों का दाह संस्कार किया गया। जून-जुलाई माह में संभावित स्थानों में जीवित बचे लोगों की तलाश को अभियान चलाया गया। तब रेस्क्यू दल को यहां शव नहीं दिखाई दिए। इधर, एसपी बरिंदर जीत सिंह ने बताया कि दो टीमें शवों की ढूंढ-खोज कर रही हैं। एक टीम पैदल मार्ग पर है, जबकि दूसरी टीम डीआईजी मर्तोलिया के नेतृत्व में गरुड़िया, गोमकरा और देवविष्णु के रास्ते चोटियों से होते हुए गौरीकुंड की ओर उतर रही है। इस टीम को भी कुछ शव दिखाई दिए हैं।
उधर, देहरादून में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डीआईजी जीएस मर्तोलिया के नेतृत्व में पुलिस के पर्वतारोही, कमांडो और सिविल पुलिस की संयुक्त टीम का पंचगुडी में बेस कैंप बनाया गया है
