केंद्र ने कालाबाजारियों के आगे टेके घुटने : राघवन

शिमला। हिमाचल प्रदेश लोक मोर्चा के विभिन्न घटकों ने मंगलवार को शिमला के आईस स्टेकिंग रिंक में हल्ला बोला। माकपा के केंद्रीय कार्यकारिणी कमेटी के सदस्य विजय राघवन ने कहा कि केंद्र सरकार ने कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ घुटने टेक दिए हैं। प्याज, गैस, तेल, आलू के दाम आसमान को छू रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार मुनाफाखोरों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय गुहार लगा रहे हैं। देश की जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी, आने वाले चुनावों में ऐसे राजनेताओं को भारत की जनता असलियत बताएगी। रैली में सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष राकेश सिंघा ने कहा कि बागवानों से लेकर किसानों की हालत खराब होती जा रही है। डा. कुलदीप तंवर ने कहा कि किसान जंगली जानवरों के डर से खेती छोड़ रहे हैं। गांव से शहरों तक बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। प्रदेश में मजदूर यूनियनों का पंजीकरण नहीं किया जा रहा है। सरकार पूंजीपत्तियों के पक्ष में काम कर रही है। मजदूरों की पूरी तरह से अनदेखी हो रही है। प्रदेश में शिक्षा का निजीकरण किया जा रहा है। रूसा को बिना किसी सुविधाओं के कालेजों में लागू किया जा रहा है। निजी शिक्षण संस्थानों में फीसें बढ़ाई जा रही है। सीटू ने मनरेगा के तहत सौ की बजाय 200 दिन का रोजगार देने की मांग सरकार से की है। बागवानों और किसानों को सरकारी एजेंसियों से फसल का पैसा नहीं मिल रहा है। बेरोजगारी में बढ़ोतरी हो रही है। सरकार बेरोजगारी भत्ते के नाम पर युवाओं के साथ मजाक किया जा रहा है। रैली में एसएफआई के राज्य अध्यक्ष कपिल भारद्वाज, डा, कश्मीर सिंह ठाकुर, डा. ओंकार शाद, कुशाल भारद्वाज, संतोष कुमार, बलबीर पराशर और नगर निगम का महापौर संजय चौहान ने संबोधित किया। मंगलवार को रेलवे स्टेशन पर माकपा के प्रदेश भर से आए कार्यकर्ता एकत्रित हुए। इसके बाद रैली के रूप में आईस स्केटिंग रिंक पहुंचे। वहां पर लंबे समय तक जनसभा का आयोजन किया गया।

एसएफआई का राज्य स्तरीय सम्मेलन शुरू
शिमला। एसएफआई का तीन दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन मंगलवार शाम को शुरू हुआ। इसमें संगठन की आगामी आंदोलनों की रणनीति से लेकर नई कार्यकारिणी का चुनाव किया जाना है। इसके साथ ही संगठन आगामी वर्ष में किन मुद्दों को लेकर संघर्ष करेगा, इसे भी फाइनल किया जाना प्रस्तावित है।

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