
शिमला। वीरवार को भारी बारिश से कृष्णानगर में चार मकान गिर गए जबकि पंद्रह घरों को खतरा हो गया है। यहां पहले ही 40 परिवारों के सिर से छत छिन चुकी है। मकान रहने योग्य न बचने के कारण करीब डेढ़ सौ लोग सड़क पर आ गए हैं। हालांकि जिला प्रशासन प्रभावितों के रहने और खाने-पीने के बंदोबस्त का दावा कर रहा है।
वीरवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे कृष्णानगर में एक के बाद एक चार भवन भरभरा कर मलबे में तबदील हो गए। घरों में रहने वाले लोगों को अपने घरों से सामान समेटने तक का मौका नहीं मिला। ये लोग किसी तरह अपनी जान बचाकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचे। कृष्णानगर के न्यू लाइन एरिया में डिस्पेंसरी के पास हादसा पेश आया। कृष्णा नगर वार्ड से नगर निगम की पूर्व पार्षद कौशल्या चन्ना ने बताया कि दुर्घटना में सोहन लाल, विजय, जगदीश व दीपक के मकान गिरे हैं। दुर्घटना के बाद आसपास के करीब 15 घरों को खतरा पैदा हो गया है। आसपास के अन्य मकानों में भी रहना खतरे से खाली नहीं है। वीरवार को हादसे के तुरंत बाद एसडीएम शहरी जीसी नेगी पुलिस, होमगार्ड व अग्निशमन विभाग के कर्मचारी घटना स्थल पर डटे रहे।
अंबेदकर भवन और स्कूल में ठहरने का बंदोबस्त : नेगी
प्रभावितों के रहने का बंदोबस्त कृष्णानगर स्थित अंबेदकर भवन और प्राइमरी स्कूल में किया गया है। भोजन की व्यवस्था गुरुद्वारा श्री सिंह सभा के सहयोग से की गई है। लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर भेजना प्रशासन की प्राथमिकता है।
– जीसी नेगी
एसडीएम (शहरी)
मकान खाली करने का दिया था नोटिस
नगर निगम अधिकारियों की टीम ने कृष्णानगर का दौरा कर 25 अनसेफ भवनों में रह रहे करीब 40 परिवारों को फौरन मकान खाली करने के नोटिस दिए थे। जमीन धंसने के कारण भवनों में दरारें आ गई थीं।
