
शिमला। कृष्णानगर में असुरक्षित भवनों के गिरने का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। शुक्रवार को चार और मकान जमींदोज हो गए। इसके अलावा एक दर्जन मकानों पर अभी भी गिरने का खतरा मंडरा रहा है। शुक्रवार को असुरक्षित मकानों से दिन भर लोग अपना सामान निकालने में जुटे रहे। वीरवार को भी वार्ड में चार मकान जमींदोज हुए थे।
शुक्रवार सुबह आठ बजे, साढ़े 10 और दोपहर ढाई बजे चार मकान गिरे। भवनों के गिरने की आवाज सुनकर आसपास रहने वाले सैकड़ों लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल गए। शुक्रवार को गिरने वाले चार मकानों में एक तीन मंजिला और बाकी एक-एक मंजिल के थे। इन मकानों में धर्मपाल, काला, विनोद और गुरदयाल सिंह के परिवार रहते थे। असुरक्षित घोषित किए गए मकानों को इन लोगों ने समय रहते कुछ दिन पूर्व खाली कर दिया था। इसके चलते किसी भी प्रकार के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। इन मकानों के जमींदोज होने के बाद साथ लगते करीब एक दर्जन मकानों पर अब खतरा मंडराने लगा है। शुक्रवार को इन मकानों में रहने वाले लोग अपना सामान बाहर निकालने में जुटे रहे।
बिजली मीटर निकालने में जुटे कर्मी
कृष्णानगर में जमींदोज हो रहे तथा गिरने की कगार पर खड़े मकानों से बिजली मीटर निकालने का काम भी शुरू हो गया है। शुक्रवार को बिजली कंपनी के आधा दर्जन कर्मी वार्ड में बिजली की तारों को हटाने और मीटर निकालने में लगे रहे।
असुरक्षित भवनों के बाहर पुलिस तैनात
असुरक्षित भवनों के पास लोगों को जाने से रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने भी बंदोबस्त किया है। पुलिस के कर्मी असुरक्षित भवनों के पास ड्यूटी दे रहे हैं तथा वहां जाने से लोगों को रोक रहे हैं। इसके अलावा खतरे की जद में रह रहे लोगों को जल्द मकान खाली करने को भी कह रहे हैं।
