
शिमला। केंद्र सरकार की राजीव गांधी आवास योजना के तहत नगर निगम का कृष्णानगर वार्ड शहर का मॉडल बनेगा। योजना के तहत करीब 34 करोड़ की राशि से वार्ड का कायाकल्प किया जाएगा। वार्ड को स्लम फ्री करते हुए यहां पर आवासीय कालोनी, हेल्थ सेंटर, नशा निवारण सेंटर, बच्चों के लिए पार्क बनाया जाएगा। स्लाटर हाउस (लालपानी बाईपास) से बैम्लोई के लिए सड़क मार्ग भी बनाया जाएगा। नौ करोड़ की पहली किस्त राज्य सरकार के खाते में पहुंच गई है। संभावित है कि अगस्त से वार्ड में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
केंद्र सरकार के अर्बन पॉवरटी प्रोग्राम डिपार्टमेंट की एक उच्च स्तरीय टीम ने वार्ड का दौरा कर प्रोजेक्ट से संबंधित विस्तृत जानकारी जुटाई है। प्रोग्राम मैनेजर संजय और डा. खातीबुल्ला शेख की अगुवाई में आई टीम ने राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों से लेकर निगम महापौर, आयुक्त और स्थानीय लोगों से प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से बात की है। नई दिल्ली से आए प्रोग्राम मैनेजर संजय ने बताया कि योजना के तहत शहर को स्लम फ्री बनाया जाएगा। इस योजना के तहत शहर से झुग्गी झोपड़ियों को हटाकर वहां पक्के मकान बनाए जाएंगे। पहले चरण में कृष्णानगर को स्लम फ्री करने की योजना है।
सामुदायिक केंद्र में मिलेगी हर सुविधा
पायलट परियोजना के अंतर्गत 300 मकानों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें से 224 मकान रहने के लिए और 76 किराए पर दिए जाएंगे। सामुदायिक केंद्र में सामुदायिक सभागार, औषधालय, वृद्ध देखभाल गृह, पुस्तकालय, क्रच, सोलर लाइटों और सोलर हीटिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
ये सुविधाएं मिलेंगी
तीन सौ पक्के भवन बनेंगे
पानी की नियमित सप्लाई होगी
सीवरेज सुविधाएं, पार्क बनेंगे
कालोनी में सामुदायिक भवन
हेल्थ सेंटर बनाया जाएगा
बच्चों को खेलने के लिए मैदान
सिलाई सेंटर के लिए भवन निर्माण
ब्यूटीशियन कोर्स के लिए भवन
नालों की चैनलाइजेशन होगी
स्लाटर हाउस से बैम्लोई तक सड़क
अगस्त से शुरू होगा निर्माण : आयुक्त
आयुक्त अमरजीत सिंह ने कहा कि जेएनएनयूआरएम के तहत इस प्रोजेक्ट के लिए 33.99 करोड़ की राशि केंद्र सरकार मुहैया करवाएगी। राज्य सरकार के खाते में 9.26 करोड़ की पहली किस्त पहुंच गई है। अगस्त से निर्माण शुरू करना प्रस्तावित है।
वार्ड की बदलेगी सूरत : रजनी
पार्षद रजनी सिंह ने बताया कि झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले सैकड़ों लोगों को इससे फायदा होगा। उन्हें पक्के मकान दिए जाएंगे। वार्ड की सूरत बदलने में यह प्रोजेक्ट अहम भूमिका निभाएगा।
