कुल्लू-काजा के बीच बस सेवा बंद

उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। समुद्र तल से 4551 मीटर ऊंचे कुंजुम दर्रा होकर अब बसें नहीं लांघेंगी। बुधवार को हिमाचल पथ परिवहन निगम केलांग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक गोपाल शर्मा ने अधिकारियों तथा कर्मचारियों के साथ ग्रांफू-काजा मार्ग का निरीक्षण किया। इस बीच कुछ हिस्सों में पानी जमने के कारण बसें चलाना खतरे से खाली नहीं है। वैसे भी ग्रांफू-काजा मार्ग 15 अक्तूबर से आधिकारिक तौर पर बंद हो गया है। लेकिन, लाहौल की ओर सड़क पूरी तरह दुरुस्त है। यहां बढ़िया मौसम के मिजाज को देखते हुए एचआरटीसी का केलांग डिपो स्पीति घाटी के बाशिंदों को रोहतांग होते हुए कुल्लू से काजा के बीच बस सेवा को कुछ दिनों तक और जारी रखना चाहता था, लेकिन कुंजुम दर्रा व इसके आसपास गिरते तापमान से पानी जमना शुरू हो गया है। अब स्पीति घाटी के बाशिंदों को करीब 248 किलोमीटर के सफर में कुंजुम दर्रा होते हुए कुल्लू काजा के बीच बस सेवा अब अगले साल ही नसीब होगी। बताया जा रहा है कि बातल से कुंजुम के अस्थायी ढाबा संचालक भी शिफ्ट हो गए हैं। रात्रि को वहां तापमान शून्य के आसपास पहुंच जाता है। बसों का संचालन ठप पड़ जाने से स्पीति घाटी के लोगों को टैक्सियाें से जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी होगी। काजा के तकपा बौद्ध कहते हैं कि अब उन्हें काजा आने के लिए कुल्लू-मंडी-रिकांगपिओ होते हुए लंबा सफर करते हुए पहुंचना पडे़गा। उन्होंने बताया कि इन दिनों रिकांगपिओ काजा के बीच पांगी नाला में भूस्खलन जारी है और सड़क का करीब 60 मीटर हिस्सा भी ढह गया है। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए गाड़ियां बदलनी पड़ रही हैं। उधर, केलांग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक गोपाल शर्मा ने बताया कि ग्रांफू-काजा मार्ग 15 अक्तूबर से आधिकारिक तौर पर बंद हो गया है। लिहाजा, उन्होंने लाहौल के मौसम को देखते हुए स्पीति घाटी की ओर भी बस सेवा कुछ दिनों और चलानी चाही थी, लेकिन बातल से कुंजुम दर्रा के बीच दो-तीन मोड़ों पर पानी जम रहा है। अब उन्होंने इस रूट पर बस संचालन बंद कर दिया है।

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