कुमारसैन में किसान सभा का प्रदर्शन

कुमारसैन (शिमला)। मांगों को लेकर हिमाचल किसान सभा ने कुमारसैन में रैली निकाल कर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद तहसीलदार के माध्यम से सीएम को एक ज्ञापन भी भेजा। किसान सभा का कहना है कि क्षेत्र के लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिसके चलते उन्हें आए दिन दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रैली को संबोधित करते हुए प्रदेश किसान सभा के उपाध्यक्ष राकेश सिंघा ने कहा कि कुमारसैन, नारकंडा और कोटगढ़ के क्षेत्रों में बिजली, पानी, परिवहन, स्वास्थ्य, गैस आपूर्ति और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हैं। मूलभूत सुविधाओं के न मिलने से लोगों को भारी परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड कुमारसैन डिवीजन के तहत पांच पद कनिष्ठ अभियंता के रिक्त चल रहे हैं। इसके अलावा फील्ड स्टाफ की कमी की वजह से बिजली की आपूर्ति सही ढंग से नहीं हो पा रही है। कई पेयजल योजनाएं केवल कागजों तक ही सीमित हैं। सिंघा ने कहा कि कुमारसैन तहसील के तहत ग्रामीण क्षेत्र के लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। वहीं, उन्होंने बड़ागांव बेहनाखड्ड पेयजल योजना की सीबीआई जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बड़ा गांव बेहना खड्ड उठाऊ योजना सात वर्ष से अधर में लटकी है। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नाकामियों और घोटालों वाली सरकार है। सिंघा ने कहा कि कुमारसैन में डिग्री कालेज का मुद्दा केवल आश्वासनों तक ही रह गया है। कुमारसैन और ठियोग में सडको की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सिंघा ने कहा कि एंटी हेलनेट पर लोगों को अनुदान नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जायजा अभी तक बागवानो को नहीं मिला है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समय रहते मांगों को नहीं माना गया तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।

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