कुठेहड़ में बीपीएल चयन पर सवाल

करसोग (मंडी)। बीपीएल चयन को लेकर क्षेत्र की कुठेहड़ पंचायत की कार्यप्रणाली जांच के घेरे में आ गई है। लोगाें ने बीपीएल चयन प्रक्रिया में सवाल खड़े कर मामले की शिकायत एसडीएम से की है। इस पर एसडीएम ने बीडीओ को जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि बीपीएल चयन प्रक्रिया के समय पंचायत में तैनात सुपरवाइजर मौजूद नहीं था। इसके अलावा चयन प्रक्रिया में पात्र लोगों की अनदेखी की गई है। आईआरडीपी में उन लोगाें का ही चयन किया गया जो पहले से ही बीपीएल में शामिल थे। आरोप यह भी है कि पंचायत ने चयन के लिए न तो प्रार्थना पत्र और न ही कोई आपत्तियां सुनी। शिकायत एक बेसहारा महिला की तरफ से की गई है।
शिकायतकर्ता आशा देवी पत्नी स्व. जगदीश कुमार निवासी डिमकूधार के अनुसार ग्राम पंचायत में सात अप्रैल को ग्राम सभा की बैठक निश्चित की गई थी। इसमें बालक राम को सुपरवाइजर नियुक्त किया गया था, लेकिन सुपरवाइजर बालक राम ग्राम सभा की बैठक में उपस्थित नहीं थे। वहीं पंचायत प्रतिनिधियाें ने भी इस बारे कोई जानकारी देने की जहमत उठाई। इसके बाद चयन प्रक्रिया शुरू हुई तो पंचायत प्रतिनिधियाें ने यह कहकर न तो कोई प्रार्थना पत्र और न ही कोई आपत्ति सुनी कि उन्हें इस बारे में कोई अधिकार नहीं है। शिकायतकर्ता का कहना है कि सुपरवाइजर की अनुपस्थिति में ग्राम सभा की बैठक में बीपीएल चयन के नाम पर पात्रों को शामिल करने के बजाय महज खानापूर्ति की गई है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है। वहीं तैनात सुपरवाइजर के अनुपस्थित रहने पर कड़ा संज्ञान लेने की मांग की है। उधर, एसडीएम करसोग सुदेश मोक्टा ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए बीडीओ करसोग को आदेश दे दिए गए हैं। वहीं, पंचायत सचिव राजेंद्र कुमार ने बताया कि तैनात सुपरवाइजर किसी कारण से नहीं पहुंच पाया था। उन्होेंने कहा कि चयन नियमों के तहत हुआ है। ग्राम सभा सर्वोपरि होती है।

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