कुछ लोग मुझे हटाने की कवायद में लगे हैं पर वे कामयाब नहीं होंगे। वीरभद्र सिंह

शिमला

दिल्ली में वीरभद्र बोले, मेरे खिलाफ लगे हैं कुछ लोग

दिल्ली में वीरभद्र बोले, मेरे खिलाफ लगे हैं कुछ लोग

लोकसभा चुनावों की हार की समीक्षा के लिए कांग्रेस हाईकमान की ओर से एके एंटनी की अगुवाई में गठित ग्रुप के सामने हिमाचल कांग्रेस का अंतरकलह खुल कर सामने आ गया।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शनिवार शाम को अपना पक्ष रखा और कहा कि कुछ लोग मुझे हटाने की कवायद में लगे हैं पर वे कामयाब नहीं होंगे। वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस सरकार की कमियों की वजह से नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मसलों के कारण हारी। नरेंद्र मोदी के आक्रामक एवं नियमित प्रचार का सामना कांग्र्रेस ने परंपरागत तरीके से किया, जो काफी नहीं था।

मोदी ने मतदाताओं को एक सपना बेचा और लोगों ने इस सपने पर भरोसा किया। ये मोदी लहर में बदल गया और हम मोदी लहर के कारण ही हारे। ये जीत भाजपा नहीं, नरेंद्र मोदी की थी।

लोस चुनाव की हार के बहाने हटाने की कोशिश

लोस चुनाव की हार के बहाने हटाने की कोशिश

मुख्यमंत्री की ओर से शनिवार को दिल्ली से एक बयान भी जारी किया गया। इसके अनुसार वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस मजबूत है, बशर्ते सभी नेता एकजुटता दिखाएं।

ये पूछे जाने पर कि आपके विरोधी मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का विरोध कर रहे हैं। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के भीतर कुछ लोग लोकसभा चुनाव की हार के बहाने उन्हें हटाने पर लगे हैं।

लेकिन ये कामयाब नहीं होंगे। इनके पास न कुछ बनाने की क्षमता है और न ही बिगाड़ने की। कांग्रेस फिर भी मजबूत रहेगी। वीरभद्र सिंह ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू के उस फैसले का भी दोबारा विरोध किया, जिसके तहत उन्होंने 5000 से ज्यादा लीड भाजपा के पक्ष में देने वाले कांग्रेस मंडलों को भंग कर दिया था।

प्रतिभा सिंह, चंद्र कुमार ने एंटनी के समक्ष रखा अपना पक्ष

प्रतिभा सिंह, चंद्र कुमार ने एंटनी के समक्ष रखा अपना पक्ष

मंडी से पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह, कांगड़ा से कांग्रेस के प्रत्याशी चंद्र कुमार ने भी एंटनी ग्रुप के सामने अपनी बात रखी। प्रतिभा सिंह मंडी से सबसे कम अंतर से और चंद्र कुमार कांगड़ा से सबसे ज्यादा अंतर से हारे थे। युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने भी अपना पक्ष बताया।

जिसकी पसंद के प्रत्याशी, उनकी जिम्मेदारी भी तय हो मुख्यमंत्री के बाद हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष एवं स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह, डलहौजी से विधायक आशा कुमारी ने भी लोकसभा चुनाव में हार पर पैनल में अपनी बात रखी है।

सूत्र कहते हैं कि इस दौरान ये भी तर्क दिया गया कि जिसकी पसंद से लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी दिए गए, नतीजों पर उसकी जिम्मेदारी भी होनी चाहिए। कौल सिंह ने दो दिन पूर्व ही कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाकात की थी।

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