कुंभकर्णी’ नींद से कब जागेगा मंदिर प्रशासन?

ज्वालामुखी (कांगड़ा)। पूरे विश्व में अपनी दिव्यता के लिए मशहूर शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम की पहल न करना दर्शा रहा है कि मंदिर प्रशासन कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है और यहां आने वाले हजारो श्रद्धालुओं की सुरक्षा से उसे कोई सरोकार नहीं है।
अभी तक मंदिर प्रशासन की ओर से स्टोर में पड़े मेटल डिटेक्टरों को बाहर नहीं निकाला गया है और बिना चेकिंग के ही श्रद्धालुओं की मंदिर में एंट्री हो रही है। हैरत है कि अधिकारी व कर्मचारी ड्यूटी के समय अपने पहचान पत्र तक नहीं लगाते, जिससे यह पता चल सके कि कौन मंदिर में कार्यरत है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की मुश्किल तब और बढ़ जाती है जब उनके पर्स गुम होने या अन्य कोई घटना होने पर बिना पहचान पत्र के ड्यूटी दे रहे कर्मचारियों को पहचानने में मशक्कत करनी पड़ती है। इसके अलावा मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सूचनात्मक बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं, जिनमें आपदा के समय संपर्क किया जा सके। मसलन फायर ब्रिगेड, एंबुलेस, अस्पताल, जिलाधीश कार्यालय, उपमंडल अधिकारी कार्यालय अथवा स्थानीय सहायता के लिए फोन नंबर युक्त सूचना पट्ट की दरकार है। मंदिर प्रशासन ने सूचना पट्ट तो मंदिर में लगा रखे हैं लेकिन उनमें केवल मंदिर के बैंक अकाउंट नंबर अंकित हैं जिसमें दान देने का आग्रह किया गया है। ज्वालाजी मंदिर के पूर्व न्यास सदस्य प्रताप चौधरी, कर्णवीर सूद का कहना है कि ज्वालाजी में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। महाबोधि मठ में हुए बम धमाको के बाद अलर्ट रहना चाहिए, ताकि मंदिर में यात्रियों की सुरक्षा में कोई चूक न रहे।

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