
काशीपुर। किसानों की पंचायत में कुंडा-सुल्तानपुर पट्टी बाईपास के लिए भूमि देने का विरोध किया गया। किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सतनाम सिंह चीमा ने कहा कि किसान जान दे देंगे परंतु एक इंच जमीन नहीं देंगे। उन्होंने जोर जबरदस्ती भूमि लेने के प्रयास पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी।
शुक्रवार को भाकियू और किसान विकास क्लब के संयुक्त तत्वावधान में मंडी समिति सभागार में आयोजित पंचायत में जसपुर व काशीपुर क्षेत्र के किसानों ने शिरकत की। अध्यक्षता कर रहे चीमा ने कहा कि सरकार द्वारा एच-74 (प्रस्तावित-34) को फोरलेन और 25 किलोमीटर लंबे कुंडा-सुलतानपुर पट्टी बाईपास का निर्माण प्रस्तावित है। सरकार ने किसानों की सोना उगलने वाली भूमि को बिना पूछे लेने का गजट भी कर दिया है। चीमा ने सरकार को किसान विरोधी बता कहा कि सरकार ने कभी औद्योगिक क्षेत्र तो कभी पावर ग्रिड लाइन के नाम पर किसानों की भूमि ली है। अब बाईपास के नाम पर फिर लेना चाहती है। प्रदेश में नाम मात्र की कृषि भूमि रह गई है। अगर सरकार ने जबरन भूमि लेने का प्रयास किया तो नोएडा जैसे परिणाम होंगे। जसपुर से खटीमा तक के किसानों को आंदोलन से जोड़ा जाएगा। तीन सितंबर को काशीपुर में महापंचायत होगी, जिसमें आगामी रणनीति पर विचार होगा। संचालन शीतल सिंह ने किया। पंचायत में किसान विकास क्लब के अध्यक्ष अरुण शर्मा, दर्शन सिंह देओल, धरम सिंह, जगीर सिंह, प्रेम सिंह सहोता, दुली चंद, कल्याण सिंह, सतपाल चौधरी, किशन सिंह, सुभाष सिंह, दलजीत सिंह संधु, बलकार सिंह फौजी आदि सैकड़ों किसान मौजूद थे।
