
जालंधर/चंडीगढ़
कृषि कानूनों के विरोध में शुक्रवार को किसानों ने पूरे पंजाब में कई जगह दो घंटे हाईवे और टोल प्लाजा जाम कर प्रदर्शन किया। इस दौरान मानसा के बुढलाडा में रेलवे ट्रैक पर धरने पर बैठी किसान यूनियन नेताओं बाबू सिंह और मिट्ठू सिंह की 80 वर्षीय मां तेज कौर ने दम तोड़ दिया। वे 2 अक्तूबर से रोज धरने में शामिल हो रही थीं। इसके अलावा संगरूर के धुरी में पेट्रोल पंप के सामने धरना दे रहे किसान मेगराज सिंह की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।
पंजाब में शुक्रवार को कृषि कानूनों के विरोध में अमृतसर में किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के सदस्यों ने अमृतसर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गांव निज्जरपुरा के टोल प्लाजा को बंद करवा दिया। वहीं, गांव देवीदासपुर के अमृतसर-दिल्ली रेलवे ट्रैक किसानों का धरना 16 दिन से जारी है। बठिंडा में किसानों ने दो घंटे तक बठिंडा-मानसा नेशनल हाईवे पर जाम लगाया। फरीदकोट में दो राष्ट्रीय राजमार्ग सहित पांच जगह जाम लगाया।
किसानों ने गुरदासपुर, मुक्तसर हाईवे और नवांशहर में चंडीगढ़-रोपड़ मुख्य मार्ग पर भी धरना दिया। सीएम सिटी पटियाला में गांव धरहेड़ी जट्टां के पास पटियाला-राजपुरा नेशनल हाईवे समेत नौ जगह धरना दिया। वहीं, शंभू बैरियर से पहले राजपुरा-अंबाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी किसानों ने जाम लगा दिया। अबोहर में किसान नेताओं ने आलमगढ़ के नजदीक पेट्रोल पंप के बाहर धरना लगाकर रोष जताया और राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम किया। रोपड़ में सात किसान जत्थेबंदियों ने नेशनल हाईवे पर सोलखियां टोल प्लाजा पर दो घंटे जाम लगाकर प्रदर्शन किया।
इस पहले भी जा चुकी है किसानों की जान
इससे पहले खेती कानूनों के विरोध में पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के आवास के बाहर धरना लगाने गए गांव अक्कावाली के प्रीतम सिंह ने जहर खाकर जान दे दी थी। बरनाला में टोल प्लाजा पर भाषण देते हुए एक किसान ने दम तोड़ दिया था। इसके अलावा बादल गांव से लौटते समय बस हादसे में करीब 12 किसान जख्मी हो गए थे। इनमें से मुख्यत्यार सिंह और वजीर सिंह की कुछ दिन बाद मौत हो गई थी।
लुधियाना में पुलिस के कहने पर हाईवे से हटे किसान
लुधियाना के लाडोवाल टोल बैरियर पर चक्का जाम कर दिया। इससे लुधियाना-जालंधर हाईवे पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। पुलिस अधिकारियों ने किसानों को ट्रैफिक न रोकने के लिए कहा क्योंकि आम लोगों को परेशानी हो रही थी। इस पर किसानों कुछ समय बाद ही जाम हटा दिया। वे टोल बैरियर के पास टेंट लगाकर धरने पर डटे हुए हैं। पठानकोट में भी पिछले चार दिन से अमृतसर-पठानकोट नेशनल हाईवे स्थित लदपालवां टोल प्लाजा पर धरना दे रहे किसानों ने शुक्रवार को दोनों ओर ट्रैफिक जाम कर दिया। इसके बाद देर शाम तक टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
पटियाला: नेशनल हाईवे पर दो घंटे आवाजाही रोकी
जिले में खेती कानूनों के खिलाफ शुक्रवार को किसानों ने कई जगह धरने लगाकर रास्ते जाम किया। गांव धरहेड़ी जट्टां के पास पटियाला-राजपुरा नेशनल हाईवे समेत नाभा में रोहटी पुल, गांव धबलान में रेलवे ट्रैक, समाना में पेट्रोल पंप, पातड़ां के न्याल में भी पंप, भादसों में चहल गांव के पास टोल प्लाजा, खन्नौरी में गोबिंदगढ़ पैंद के पास टोल प्लाजा, कल्याण गांव के नजदीक टोल प्लाजा, गांव बारन और पटियाला-समाना रोड पर गांव ढैंठल नजदीक टोल प्लाजा पर दोपहर 12 बजे से दो बजे तक प्रदर्शन किया गया।
किसानों ने हरियाणा में किसानों पर लाठीचार्ज और यूपी के हाथरस कांड की भी निंदा की। किसान नेताओं अवतार सिंह कौरजीवाला, सतनाम सिंह बहिरू, मनजीत सिंह न्याल ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि किसान विरोधी इन काले खेती कानूनों को अगर वापस न लिया, तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा। उन्होंने हरसिमरत कौर बादल के केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफे को कोरी ड्रामेबाजी बताया। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर पंजाब सरकार ने जल्द विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर इन खेती कानूनों को रद्द न किया, तो कांग्रेस के मंत्रियों का भी घेराव किया जाएगा।
बठिंडा-मानसा नेशनल हाईवे जाम कर की नारेबाजी
कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हरियाणा के किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को किसानों ने दो घंटे तक बठिंडा-मानसा नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरने को संबोधित करते हुए किरती किसान यूनियन के नेता सुखदीप सिंह ने आरोप लगाया कि जब से मोदी सरकार आई है, तब से अल्पसंख्यक लोगों पर अत्याचार बढे़ हैं। धरने में शामिल कुल हिंद किसान यूनियन के नेता बलकरन सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने प्राइवेट व्यापारिक घरानों को खुश करने के लिए किसान विरोधी कानून पास किए हैं। किसान इन कानूनों को वापस करवाकर ही दम लेंगे।
राजपुरा में दो घंटे जाम किया राष्ट्रीय राजमार्ग
कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने शुक्रवार को शंभू बैरियर से पहले राजपुरा-अंबाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाया। सूबे के 31 किसान संगठनों के प्रदेश स्तरीय आंदोलन के तहत दोपहर 12 से 2 बजे तक यातायात अवरुद्ध रखा गया। इससे शंभू बैरियर के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन ने बनूड़-तेपला मार्ग के अलावा घनौर-पटियाला मार्ग की तरफ से आने जाने वाले वाहनों का रूट बदल दिया।
इंडियन फार्मर एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रधान सतनाम सिंह बेहरू, जिला प्रधान गुलजार सिंह, भाकियू राजोवाल रणजीत सिंह, नरिंदर सिंह लहल, प्रदेश समिति मेंबर भाकियू सिद्धूपुर हरजीत सिंह टहलपुरा, गुरबक्ष सिंह बलबेड़ा, ब्रिज लाल बठौणिया, हजूरा सिंह, बूटा सिंह गजेवास, जंग सिंह भटेड़ी, इकबाल सिंह, अमरजीत सिंह घनौर ने चेतावनी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार अगर अपने फैसले पर अड़ी है तो किसान भी अडिग हैं। किसान कृषि कानूनों को रद्द कराकर ही दम लेंगे।
