
लडभड़ोल (मंडी)। किसानों के सामने पशुओं के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। ज्वार, बाजरा के अलावा घासनियों में घास की पैदावार न होने के कारण चिंतित हैं। इस बार बारिश अधिक होने के कारण चारे की समस्या पैदा हुई है। किसान कृष्ण सिंह, सत्यागर सिंह, सुंदर सिंह, मंगत राम, राजमल, पान सिंह तथा दलबीर सिंह ने बताया कि पहले ही जंगली जानवरों के नुकसान पहुंचाने से फसल की बिजाई करना छोड़ दिया है। गंदम तथा मक्की की फसल से पशुओं के लिए चारा मिल जाता था। इस बार घासनियों में घास की पैदावार कम हुई है।
किसानों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में लोगों ने मई माह में बारिश का इंतजार किए बिना ही ज्वार तथा बाजरा की बिजाई कर दी थी। वहां अच्छी पैदावार हुई है। जिन किसानों ने बारिश के बाद जून माह में ज्वार तथा बाजरा बोआ है। उन्हें पशु चारे की समस्या झेलनी पड़ रही है। जिला कांग्रेस प्रवक्ता राकेश चौहान का कहना है कि यदि चारे की समस्या पड़ी तो सरकार से कम कीमत पर भूसे का प्रबंध करने का सरकार से आग्रह करेंगे।
कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के फोडर के विशेषज्ञ डा. नवीन का कहना है कि ज्यादा बारिश घास कम होने का मुख्य कारण है। बादल रहने से घास के पौधे अपना भोजन नहीं बना पाते हैं। यदि बारिश शुरू होने के साथ ही घासनियों में यूरिया खाद डाल दी जाए तो घास की दो बार कटिंग की जा सकती है।
