
मंडी। हिमाचल किसान सभा जिला मंडी का 14वां जिला सम्मेलन शुक्रवार को ताराचंद भवन मंडी में आयोजित किया गया। हाल का नामकरण किसान नेता जगदीश मोदमिल के नाम तथा मंडी शहर का नामकरण कपूर सिंह सिपाहिया के नाम पर किया गया। इन दोनों किसान नेताओं की हाल ही में मृत्यु हो गई थी। सम्मेलन की अध्यक्षता जगदीश ठाकुर, परस राम, राम लाल, टेक सिंह और जोगिंद्र वालिया ने की। जबकि उद्घाटन किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष कुशाल भारद्वाज ने किया। जिला सह सचिव गुरुदास वर्मा ने पिछले तीन साल की गतिविधियों की रिपोर्ट सम्मेलन में पेश की। कुशाल भारद्वाज ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा अपनाई जा रही नीतियों के चलते किसानों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। सरकार किसानों को खाद, बीज, औजारों और मार्केटिंगके लिए जो सहायता सब्सिडी के रूप में उपलब्ध करवाती थी, उसमें निरंतर कटौती की जा रही है। सरकार की नीतियों के कारण मध्यम एवं गरीब किसानों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। मनरेगा के तहत जो सौ दिन रोजगार का हक मिला है, औसतन 60 दिन का ही काम अभी मिल रहा है। गरीब किसानों के कब्जे वाली भूमि और मकानों को जबरदस्ती खाली करवाने की मुहिम सरकार ने छेड़ रखी है। हिमाचल किसान सभा इन सभी समस्याओं के बारे में आने वाले समय में किसानों को पंचायत स्तर पर संगठित करके संघर्ष तेज करेगी। 15 से 20 जुलाई तक खंड स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके अलावा फोरलेन निर्माण के लिए नौलखा से डडौर तक किए जा रहे भूमि अधिग्रहण के खिलाफ 10 जुलाई को सुंदनगर में प्रदर्शन किया जाएगा। बरोट, सराज, निहरी एवं करसोग क्षेत्र में जल्द बरसात शुरू होने के कारण गेहूं कटाई न होने के कारण किसानों को नुकसान का मुआवजा देने की भी मांग की है।
