
सांगला (किन्नौर)।(विशेश्वर नेगी) जनजातीय क्षेत्र किन्नौर में शनिवार सुबह मौसम अचानक खराब हो गया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश हो रही है। इस कारण जिले में एक बार फिर तापमान गिर गया है। शनिवार को प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला का न्यूनतम तापमान -3.5 डिग्री और कल्पा का न्यूनतम तापमान भी माइनस 3.5 डिग्री दर्ज किया गया है।
जिला मुख्यालय रिकांगपिओ सहित कल्पा सांगला बटसेरी, रक्षम, छितकुल, कामरू, चांसु, ब्रुआ , शौंग, सापनी, कनई, बटुरी, रिब्बा, रिस्पा, आकपा, खादरा, मुरंग, लंबर, ठंगी, जंगी, कानम, लिप्पा, आसरंग, नैसंग, ज्ञाबुंग, रौपावैली, पूह, मलिंग, नाको, यंगथंग, चांगो, हांगो, लियो, सुमरा, शलखर सहित निचार, बरी, तरांडा, सुंगरा, बारो, छोटा कंबा, बड़ा कंबा, पानवी और भावावैली में 8 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फ पड़ी है। वहीं, जिले के निचले क्षेत्रों पौवारी, कड़छम, चौलिंग, टापरी, भावानगर, निगुलसरी औरी चोरा में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। वहीं, जिले के पूह खंड और काजा की तरफ पांगी नाले से लेकर काशंग तक जगह-जगह ल्हासे गिरने के कारण दोपहर तक मार्ग पूरी तरह बंद रहा। इसे सीमा सड़क संगठन ने दोपहर बाद कड़ी मशक्कत के बाद वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया। सीमा सड़क संगठन के ओसी एचआर वनराज ने कहा कि अभी वांगतु से कोरिक तक सड़क मार्ग खुला है। मगर पांगी और काशंग के पास लगातार पत्थर गिरने के चलते कहीं सड़क मार्ग बंद न हो, इसके लिए दो मशीनें तैयार रखी गई हैं।
वहीं, जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से पूह और काजा की तरफ पथ परिवहन निगम के बसों सहित अन्य छोटे वाहनों की आवाजाही 1 बजे के बाद सुचारु है। मामले की पुष्टि पथ परिवहन निगम के आरएम डीएस रघु ने की है। उन्होंने कहा कि शनिवार को जिले के कल्पा, ज्ञाबुंग, रोपा वैली, सांगला वैली, चांसु, निचार, बरी, काफनू तथा उरनी इस तरह करीब आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण रूटों पर निगम की बसों की बराबर आवाजाही रही।
