
सांगला (किन्नौर)। जिले में शनिवार को मौसम खुलने के बाद भी जनजीवन पूरी तरह से पटरी पर नहीं लौट पाया है। अभी भी जिले के 50 के करीब ग्रामीण रूट बंद हैं। हालांकि दिन भर क्षेत्र में धूप खिली रही। इस कारण लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं, रिकांगपिओ से शिमला और चंडीगढ़ राजमार्ग बहाल हो गया है, जबकि रिकांगपिओ से पूह और काजा की ओर जाने वाली सड़क कई स्थानों पर हिमखंड आने और ल्हासे गिरने से अभी भी बंद है, जबकि जिला के ग्रामीण रूटों पर आज भी बसें नहीं भेजी जा सकी हैं।
पथ परिवहन निगम के आरएम डीएस रधु ने बताया कि भारी बर्फ बारी के कारण जिला के किसी भी ग्रामीण रूट पर शनिवार को निगम की बसें नहीं चल सकी हैं। बर्फबारी के कारण पांगी के पास 30 मीटर, काशंग के पास 40 मीटर, भगतनाले में करीब 100 मीटर और टिंकु नाले में करीब 200 मीटर हिमखंड आने से सड़क मार्ग बंद है। सीमा सड़क संगठन के ओसी एचआर वनराज ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि काशंग के पास मार्ग बहाल करने के लिए 4 मशीनें और 25 मजदूर, भगत नाला और टिंकू नाले में 4 मशीनों के साथ करीब 45 मजदूरों को सड़क मार्ग बहाल करने में लगाया है।
इसके अलावा कल्पा, पूह और निचार खंड में करीब 50 ग्रामीण सड़कों को बहाल करने के लिए काम तेजी से जारी है। कल्पा और पूह खंड की करीब 32 ग्रामीण सड़कों को बहाल करने के लिए लोनिवि ने शनिवार को 12 मशीनों सहित करीब 300 मजदूर लगा रखे हैं। वहीं, निचार और कल्पा के तहत आने वाले अन्य 18 रूटों को बहाल करने के लिए 6 मशीनों सहित 150 मजदूर तैनात किए गए हैं। एक्सईएन कल्पा एसपी नेगी और एक्सईएन भावानगर हंस राज भारद्वाज ने कहा कि सड़क बहाल करने का कार्य तेजी से जारी है। उन्होंने कहा कि सड़क मार्ग जल्द बहाल कर दिए जाएंगे।
