
सांगला (किन्नौर)। जिला में रविवार को हुई हल्की बर्फबारी और बारिश के कारण नेशनल हाइवे कई स्थानों पर बंद हो गया है। बारिश के कारण जगह-जगह पहाड़ों से चट्टानों के सड़क पर गिरने से यातायात पूर्ण रूप से बंद हो गया था। हालांकि, बीआरओ की कड़ी मशक्कत के बाद दो जगह तो रोड बहाल कर दिया गया है, लेकिन रिकांगपिओ से काजा की ओर अभी भी कोई वाहन नहीं जा पा रहा है। इसके अलावा अभी भी किन्नौर के तेरह ग्रामीण रूटों पर वाहन नहीं चल पाए हैं।
जिले के रल्ली, लालढांक और पांगी नाले के पास एनएच पर भारी भरकम चट्टानों के आने से मार्ग पूर्ण रूप से बंद हो गया था, जिसे सोमवार को सीमा सड़क संगठन की चार मशीनों और तीस मजदूरों ने यातायात के लिए बहाल कर दिया है। जबकि, रिकांगपिओ से काजा की ओर अभी भी मार्ग को बहाल नहीं किया जा सका है। इसके चलते लोगों की परेशानियां कम नहीं हुई हैं। सोमवार को जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से कड़छम, टापरी, भावानगर, निगुलसरी, चौरा, ज्यूरी, झाकड़ी, रामपुर और शिमला की ओर 11 बजे के बाद से वाहनों का चलना शुरू हो गया। सीमा सड़क संगठन के ओसी एचआर वनराज ने कहा कि पोवारी और पांगी नाले के बीच बीस मीटर सड़क पर ल्हासे आने से मार्ग रविवार से बंद है। उन्होंने कहा कि सीमा सड़क संगठन के 20 मजदूर और तीन मशीनें लगातार अपनी जान पर खेल कर मार्ग बहाल करने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार तक मार्ग को बहाल कर दिया जाएगा। रिकांगपिओ के अड्डा प्रभारी वीरचंद राय ने कहा कि पूह खंड सहित काजा की तरफ बसों की आवाजाही नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि 13 निगम के लोकल ग्रामीण रूटों पर बसों की आवाजाही नहीं हो सकी है।
