काल के मुंह से बचे पर गए कहां

गोपेश्वर। जयपुर से चारधाम यात्रा पर आए एक परिवार के सदस्य डेढ़ माह बाद भी घर नहीं पहुंचे हैं, जबकि इन लोगों की आपदा के बाद सकुशल जंगल चट्टी और सोनप्रयाग में होने की पुष्टि हुई है। जयपुर से आए डॉ. विनीत, गिरधारी सोनी पिछले एक माह से रुद्रप्रयाग, चमोली के गांवों की खाक छान रहे हैं।
डॉ. विनीत ने बताया कि उनके माता-पिता, अंकल-आंटी नौ जून को चारधाम यात्रा के लिए निकले थे। 15 जून को केदारनाथ पहुंचने पर उन्होंने फोन भी किया था, लेकिन जलप्रलय में वे लापता हो गए। परिजनों ने उन्हें मृत मान लिया था, लेकिन रेस्क्यू अभियान के दौरान 21 जून को उन्होंने एक टीवी चैनल की फुटेज में माता गीता स्वर्णकार को रेस्क्यू कर लाते हुए देखा। उन्होंने उक्त टीवी चैनल और रेस्क्यू में तैनात पांच सिख रेजीमेंट जवान मानवेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह से संपर्क किया। इन लोगों ने बताया कि प्रशासन ने उन्हें वाहन संख्या यूके 08 पीए 8373 से सोनप्रयाग से घर के लिए रवाना कर दिया था। शासन की वेबसाइट पर भी इन लोगों को सोनप्रयाग तक पहुंचाने की जानकारी वाहन के नंबर के साथ उपलब्ध कराई है, लेकिन अब बताया जा रहा है कि उक्त वाहन राज्य में पंजीकृत ही नहीं है।

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