
बिलासपुर। नए सत्र के आगाज के साथ ही जिले भर के कालेजों राजनीति की खुमारी बढ़ गई है। बिलासपुर के अलावा घुमारवीं, जुखाला, झंडूता और नयनादेवी के कालेजों में रौनक बढ़ गई है। विभिन्न छात्र संगठन केंद्रीय छात्र संघ के चुनावों को लेकर भी सक्रिय हो गए हैं। स्थानीय समस्याओं के अलावा रूसा को हथियार बनाते हुए नए छात्रों को रिझाने की भरसक कोशिशें की जा रही है। पोस्टरबाजी और वॉल राइटिंग का दौर भी शुरू हो गया है।
बिलासपुर कालेज में एबीवीपी, बीएसए और एनएसयूआई ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी है। नए छात्रों के साथ संपर्क अभियान भी छेड़ा गया है। एबीवीपी सदस्यता अभियान छेडे़ हुए हैं। बाजार में भी पूरे इलाके छात्र संगठनों के रंग में रंग गए हैं। जगह लगे पोस्टर और वॉल राइटिंग से नए छात्र-छात्राओं को रिझाने का प्रयास किया जा रहा है। पिछले साल जिला के छह कालेजों में भगवा लहराया था। एबीवीपी ने यहां बढ़त बनाई थी। इस साल भगवा ब्रिगेड अपनी बढ़त करे बरकरार रखने के लिए मैदान में उतरेगी तो एनएसयूआई और अन्य संगठन एबीवीपी को मात देने के लिए। बहरहाल, कालेजों में छाई राजनीतिक खुमारी छा गई है। बिलासपुर के अलावा घुमारवीं, जुखाला, झंडूता और नयनादेवी के कालेजों में छात्र राजनीति उफान पर है। अपनी-अपनी मांगों को लेकर छात्र संगठन आंदोलन देने तक के लिए तैयार हो गए हैं। फीस बढ़ोतरी, रूसा के तहत सेमेस्टर को बंद करने और स्थानीय समस्याओं को हथियार बनाते हुए नए छात्रों को अधिक से अधिक संख्या में अपने साथ जोड़ने के प्रयास हो रहे हैं।
